Last Updated: October 4, 2026

Dainik Savera Times Logo

पड़ोसी देश पाकिस्तान में लगे तेज भूकंप के झटके, घरों से बाहर निकल भागे लोग, जानें कितनी रही तीव्रता 

March 28, 2026

पड़ोसी देश पाकिस्तान में लगे तेज भूकंप के झटके, घरों से बाहर निकल भागे लोग, जानें कितनी रही तीव्रता 

Earthquake in Pakistan: पाकिस्तान में शनिवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.6 मापी गई। अच्छी बात यह रही कि इस भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं मिली है। आम तौर पर 4 से 5 तीव्रता के भूकंप बहुत ज्यादा खतरनाक नहीं माने जाते, लेकिन फिर भी लोग डर जाते हैं।

लगातार कई दिनों से आ रहे हैं भूकंप के झटके
पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तान में बार-बार भूकंप आ रहे हैं। शुक्रवार को 4.5 तीव्रता का भूकंप आया था। उससे एक दिन पहले यानी 26 मार्च को भी 4.6 तीव्रता का झटका महसूस किया गया था। लगातार आ रहे इन झटकों की वजह से लोगों में चिंता बढ़ गई है।

क्यों बार-बार आता है भूकंप?
अफगानिस्तान, पाकिस्तान और उत्तरी भारत का इलाका भूकंप के लिहाज से बहुत संवेदनशील माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह है यहां की जमीन के नीचे मौजूद टेक्टोनिक प्लेट्स।यहां दो बड़ी प्लेटें—भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट—आपस में टकराती हैं। जब ये प्लेटें हिलती या टकराती हैं, तो जमीन कांपती है और भूकंप आता है। इस क्षेत्र में कई फॉल्ट लाइनें (दरारें) भी हैं, जिनकी वजह से भूकंप के झटके एक देश से दूसरे देश तक महसूस हो सकते हैं।

पाकिस्तान क्यों है ज्यादा संवेदनशील?
अगर खास तौर पर पाकिस्तान की बात करें, तो यह दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप वाले क्षेत्रों में से एक है। इसके अलग-अलग हिस्से अलग-अलग प्लेटों के किनारों पर स्थित हैं। बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और गिलगित-बाल्टिस्तान: ये इलाके यूरेशियन प्लेट के किनारे पर हैं। सिंध और पंजाब: ये भारतीय प्लेट के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में आते हैं।

बलूचिस्तान खास तौर पर ज्यादा संवेदनशील है क्योंकि यह अरब और यूरेशियन प्लेटों के पास स्थित है। वहीं पंजाब और आसपास के इलाके भी जोखिम में रहते हैं। सिंध में खतरा थोड़ा कम है, लेकिन पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।

भूकंप के समय क्या करें?
विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप के दौरान घबराने की बजाय समझदारी से काम लेना जरूरी है। तुरंत किसी खुले स्थान पर चले जाएं। इमारतों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। किसी भी बिल्डिंग के नीचे खड़े न हों। अगर घर के अंदर हों तो मजबूत टेबल या फर्नीचर के नीचे छिप जाएं। हालांकि इस बार आए भूकंप से कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन लगातार आ रहे झटके इस बात का संकेत हैं कि यह इलाका भूकंपीय रूप से सक्रिय है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षा उपायों का पालन करने की जरूरत है।

 

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें