Last Updated: September 21, 2026

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चीन में धर्मों के चीनीकरण को व्यवस्थित रूप से बढ़ावा दें: शी चिनफ़िंग

September 29, 2025

चीन में धर्मों के चीनीकरण को व्यवस्थित रूप से बढ़ावा दें: शी चिनफ़िंग

29 सितम्बर की दोपहर, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो ने “चीन में धर्मों के चीनीकरण को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने” विषय पर अपनी 22वीं सामूहिक अध्ययन बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता सीपीसी केंद्रीय समिति के महासचिव शी चिनफ़िंग ने की। शी चिनफ़िंग ने अपने संबोधन में ज़ोर दिया कि चीन को अपने धार्मिक कार्य के ऐतिहासिक अनुभवों को संक्षेपित और लागू करना चाहिए, देश की वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप कार्य करना चाहिए और व्यवस्थागत सोच को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक मामलों में संस्थागत मानदंडों और व्यापक शासन को सुदृढ़ करने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर काम को और मज़बूत बनाना आवश्यक है। शी ने इस बात पर बल दिया कि धर्मों का चीनीकरण न केवल धर्मों के स्वस्थ विकास का आधार है, बल्कि समाजवादी समाज के साथ उनके अनुकूलन का भी मार्ग है।

इस अध्ययन सत्र में सीपीसी केंद्रीय समिति के संयुक्त मोर्चा कार्य विभाग के धार्मिक अनुसंधान केंद्र के निदेशक चांग श्वुनमोउ ने विषय पर विस्तृत व्याख्या प्रस्तुत की और कार्य संबंधी सुझाव दिए। इसके बाद राजनीतिक ब्यूरो के सदस्यों ने ध्यानपूर्वक व्याख्या सुनी और चर्चा में भाग लिया।

चर्चा के उपरांत अपने महत्वपूर्ण भाषण में शी चिनफ़िंग ने कहा कि पार्टी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद से सीपीसी ने धार्मिक कार्य को शासन प्रणाली में महत्वपूर्ण स्थान दिया है। इसी क्रम में नई नीतियों और उपायों को आगे बढ़ाया गया, धार्मिक कार्य की प्रणाली और तंत्र में सुधार हुआ, और धार्मिक मामलों के वैधीकरण का स्तर ऊँचा हुआ। इन प्रयासों से नए युग में धार्मिक कार्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं।

शी ने स्पष्ट किया कि इतिहास और व्यवहार दोनों ने यह सिद्ध किया है कि धर्मों के चीनीकरण को निरंतर आगे बढ़ाना ही धार्मिक, जातीय और सामाजिक सद्भाव के साथ-साथ देश की दीर्घकालिक स्थिरता की गारंटी है। उन्होंने कहा कि चीन सीपीसी के नेतृत्व वाला एक समाजवादी देश है, और इस समाजवादी ढाँचे के अनुरूप धर्मों का मार्गदर्शन करना आवश्यक है। सभी धर्म तभी स्वस्थ रूप से विकसित हो सकते हैं जब वे चीनी भूमि में जड़ें जमाएँ और चीनी संस्कृति में रच-बस जाएँ। इसके लिए धार्मिक नेताओं और श्रद्धालुओं को चीनी संस्कृति के साथ अपनी पहचान को गहराई से जोड़ने की दिशा में मार्गदर्शन करना ज़रूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक समुदायों का आत्म-सुधार धर्मों के चीनीकरण को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। इसके लिए उन्हें आत्म-शिक्षा, आत्म-प्रबंधन और आत्म-अनुशासन की क्षमताओं को समय की मांग के अनुरूप विकसित करना होगा। साथ ही धार्मिक मामलों का संचालन कानून के अनुसार होना चाहिए और यह धार्मिक क्षेत्र में उत्पन्न विभिन्न समस्याओं व विरोधाभासों को सही ढंग से सुलझाना ही बुनियादी समाधान है।

शी चिनफ़िंग ने सभी स्तरों की पार्टी समितियों से धार्मिक कार्य पर नेतृत्व को और मज़बूत करने, धार्मिक कार्य से जुड़े कर्मियों की क्षमता बढ़ाने और पूरे देश में धर्मों के चीनीकरण को आगे बढ़ाने के लिए एक मज़बूत संयुक्त शक्ति बनाने का आह्वान किया।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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