
इंटरनेशनल डेस्क : लेबनान-सीरिया सीमा पर एक बार फिर तनाव गहराता नजर आ रहा है। पूर्वी लेबनान के होश अल-सैय्यद अली क्षेत्र में गुरुवार को एक खेत में हुए ड्रोन विस्फोट ने स्थानीय शांति को हिला कर रख दिया। इस विस्फोट में कम से कम आठ सीरियाई शरणार्थी घायल हो गए, जिन्हें तत्काल हर्मेल शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
-हमले से पहले सीमा के समीप उड़ाया गया था ड्रोन
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, ड्रोन में विस्फोटक सामग्री भरी गई थी जिसे सीमा के समीप उड़ाया गया। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब दोनों देशों ने हाल ही में सीमा पर शांति और सैन्य समन्वय बढ़ाने का समझौता किया था। इस घटना के कुछ ही घंटों बाद, सीरियाई सरकारी समाचार एजेंसी ‘साना’ ने दावा किया कि लेबनान की ओर से सीरिया के होम्स प्रांत स्थित अल-कुसैर क्षेत्र में पांच तोप के गोले दागे गए, जिससे वहां के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। सीरियाई सेना ने इसके जवाब में उन स्रोतों पर पलटवार किया, लेकिन बाद में लेबनानी सेना के साथ बातचीत के बाद गोलीबारी रोक दी गई।
-सीरियाई रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा
“हमने लेबनानी सेना के अनुरोध पर कार्रवाई को रोका है, लेकिन हम हालात पर नज़र रख रहे हैं।” लेबनानी सेना ने भी क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाने और हमले के लिए जिम्मेदार तत्वों को पकड़ने का भरोसा जताया है। यह घटनाक्रम तब हुआ है जब सीमा क्षेत्र पहले से ही अस्थिरता, तस्करी और सशस्त्र गतिविधियों के लिए जाना जाता है। पिछले महीने दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने एक सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन उसके बाद भी झड़पें थमी नहीं हैं।
-8 सीरियाई शरणार्थी हुए घायल
इससे पहले मार्च में, सीरियाई अधिकारियों ने हिजबुल्लाह पर तीन सीरियाई सैनिकों का अपहरण और हत्या करने का आरोप लगाया था, जिसे हिजबुल्लाह ने खारिज कर दिया। विश्लेषकों का मानना है कि इन घटनाओं से यह स्पष्ट हो गया है कि दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग की बात ज़मीन पर पूरी तरह लागू नहीं हो पा रही है। अब देखना होगा कि यह हालिया हमला सीमाई रणनीतियों को कैसे प्रभावित करता है और दोनों सरकारें इसे रोकने के लिए कौन-से ठोस कदम उठाती हैं।