Last Updated: September 30, 2026

Dainik Savera Times Logo

थाईलैंड-कंबोडिया में सीमा विवाद गहराया, तीसरे देश की मध्यस्था के स्थान पर आपसी बातचीत पर दिया जोर

July 26, 2025

थाईलैंड-कंबोडिया में सीमा विवाद गहराया, तीसरे देश की मध्यस्था के स्थान पर आपसी बातचीत पर दिया जोर

Thailand Cambodia dispute : थाईलैंड और कंबोडिया के बीच दशकों पुराने सीमा विवाद ने शुक्रवार को एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया, जब दोनों देशों की सेनाओं के बीच भीषण गोलीबारी हुई। जवाबी कार्रवाई में थाईलैंड ने कंबोडिया से सटे आठ जिलों में मार्शल लॉ लागू कर दिया है। इससे पहले गुरुवार को हुई झड़प में 9 आम नागरिकों की मौत और 14 से अधिक के घायल होने की पुष्टि की गई थी।

थाई सेना के मुताबिक, गोलीबारी की शुरुआत कंबोडियाई सेना की ओर से हुई, जिसके जवाब में थाईलैंड ने सीमा पर अपने सैन्य बलों को सतर्क कर दिया है। चंथाबुरी प्रांत के सात जिलों और ट्राट के एक जिले में फिलहाल सेना की पूरी तैनाती कर दी गई है। इन जिलों की कमान संभाल रहे कमांडर अपिचार्ट सैप्रासर्ट ने शुक्रवार को जानकारी दी कि कंबोडिया की ओर से भारी हथियारों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।

थाईलैंड ने सीमाएं बंद की
इस तनावपूर्ण स्थिति के मद्देनज़र थाईलैंड ने अपनी सभी सीमाएं बंद कर दी हैं और नागरिकों को कंबोडिया की यात्रा न करने की सख्त चेतावनी दी है। साथ ही, संघर्ष के चलते 1,30,000 से अधिक लोगों को सीमा क्षेत्र से सुरक्षित निकाला गया है।

कूटनीतिक कोशिशें तेज, लेकिन सीजफायर पर मतभेद
थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के बजाय सीधे बातचीत के जरिए समाधान चाहता है। हालांकि, चीन, अमेरिका और मलेशिया ने दोनों देशों के बीच शांति वार्ता में मध्यस्थता की पेशकश की है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने शुक्रवार (25 जुलाई) को इस मुद्दे पर आपात बैठक बुलाने की घोषणा की है। लेकिन थाईलैंड के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि “सीजफायर की बात करना इस वक्त जल्दबाजी होगी, जब तक कंबोडिया अपनी आक्रामक गतिविधियां नहीं रोकता।” दूसरी ओर, कंबोडिया के प्रधानमंत्री ने युद्धविराम के लिए अपनी *सहमति जताई है*, लेकिन थाईलैंड के प्रधानमंत्री ने फिलहाल किसी समझौते के संकेत नहीं दिए हैं।

बढ़ते तनाव से क्षेत्रीय अस्थिरता की आशंका
सीमा पर लगातार बढ़ रहे तनाव को लेकर *दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में चिंता* का माहौल है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने दोनों देशों के प्रमुखों से संपर्क कर स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की है। लेकिन अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका है। थाईलैंड के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि अब तक की सबसे भीषण झड़पों में कम से कम 15 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि तीन दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं।

आगे क्या?
संयुक्त राष्ट्र की आपात बैठक से पहले ही राजनयिक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं, लेकिन हालात अभी नियंत्रण में नहीं हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही कोई कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो दोनों देशों के बीच पूर्ण युद्ध की स्थिति बन सकती है, जो पूरे क्षेत्र की स्थिरता को खतरे में डाल सकती है। अब सारी नजरें संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर हैं, जो इस संकट को टालने के लिए आगे बढ़ सकते हैं।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें