इंटरनेशनल डेस्क: ईरान इस समय गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि लोगों का गुस्सा अब सड़कों पर साफ नजर आने लगा है। देश में लगातार चौथे दिन बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं, जो अब राजधानी तेहरान से निकलकर कई अन्य शहरों तक फैल चुके हैं। कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कर दी हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
तेहरान से शुरू होकर देशभर में फैला आंदोलन
इस विरोध की शुरुआत तेहरान के मशहूर ग्रैंड बाजार से हुई थी, जहां दुकानदार बढ़ती महंगाई और गिरती अर्थव्यवस्था के खिलाफ सड़कों पर उतरे। धीरे-धीरे यह आंदोलन पूरे देश में फैल गया। अब विश्वविद्यालयों के छात्र भी इस प्रदर्शन में शामिल हो चुके हैं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। कुछ जगहों पर लोग ईरान के निर्वासित शासक रजा पहलवी के समर्थन में भी नारे लगाते नजर आए।
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कई जगह हालात बेकाबू
विरोध प्रदर्शन के दौरान कई शहरों में हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच टकराव हुआ। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ सरकारी इमारतों में तोड़फोड़ की कोशिश भी की गई, हालांकि प्रशासन ने इस पर सख्ती दिखाई है।
रियाल की ऐतिहासिक गिरावट ने बढ़ाई मुश्किलें
ईरान की मुद्रा रियाल अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। हालात ऐसे हैं कि एक अमेरिकी डॉलर खरीदने के लिए लोगों को करीब 14 लाख रियाल खर्च करने पड़ रहे हैं। मुद्रा की इस गिरावट के कारण आयातित सामान बेहद महंगा हो गया है और रोजमर्रा की चीजों के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
प्रतिबंध और तनाव ने बढ़ाया आर्थिक बोझ
ईरान पहले से ही अमेरिका और पश्चिमी देशों के लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से आर्थिक दबाव में है। इसके अलावा क्षेत्रीय तनाव ने भी हालात और खराब कर दिए हैं। महंगाई बेकाबू होने से आम लोगों की जिंदगी मुश्किल हो गई है और यही गुस्से की सबसे बड़ी वजह बन रही है।
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नए साल में टैक्स बढ़ाने की तैयारी से भड़का गुस्सा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान सरकार नए साल में टैक्स बढ़ाने की योजना बना रही है। पहले से महंगाई और बेरोजगारी से परेशान लोगों के लिए यह खबर आग में घी डालने जैसी साबित हुई है। इसी वजह से विरोध प्रदर्शन और तेज हो गए हैं और सरकार के सामने हालात संभालना बड़ी चुनौती बन गया है।

