इंटरनेशनल डेस्क: नेपाल के झापा जिले में स्थित भद्रपुर एयरपोर्ट पर शुक्रवार रात एक बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया। काठमांडू से भद्रपुर आ रहा बुद्ध एयर का एक यात्री विमान लैंडिंग के समय रनवे से फिसल गया। विमान में कुल 51 यात्री और 4 क्रू मेंबर सवार थे। राहत की बात यह रही कि सभी लोग सुरक्षित हैं, हालांकि कुछ यात्रियों को हल्की चोटें आई हैं।
घटना के तुरंत बाद एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन सुरक्षा टीमों ने तेजी से हालात को संभाल लिया। यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और प्राथमिक इलाज दिया गया। इस घटना के बाद देश में विमानन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
बुद्ध एयर ने एक बयान जारी कर कहा है कि वह इस मामले की जांच में नेपाल की सिविल एविएशन अथॉरिटी (CAAN) को पूरा सहयोग दे रही है। सिविल एविएशन अथॉरिटी के मुताबिक, लैंडिंग के दौरान विमान ने तय मानक से ज्यादा तेज एंगल पर रनवे को छुआ, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह रनवे से फिसल गया।
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अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे के पीछे तकनीकी खराबी, पायलट की लैंडिंग से जुड़ी गणना और उस समय के मौसम की स्थिति इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अभी किसी एक वजह को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है।
भद्रपुर एयरपोर्ट के रनवे को लेकर यह भी बताया गया है कि वह एटीआर सीरीज के विमानों के लिए तय न्यूनतम मानकों के अनुसार ही बनाया गया है। हादसे के बाद सुरक्षा कारणों से रनवे की उपयोगी लंबाई कुछ समय के लिए कम कर दी गई थी, जिसके बाद सीमित संचालन के साथ एयरपोर्ट को फिर से खोल दिया गया।
एविएशन विशेषज्ञ कुमार चालिसे का कहना है कि अगर जांच में यह सामने आता है कि विमान के मुख्य ढांचे या जरूरी हिस्सों को नुकसान पहुंचा है, तो अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार इसे एक गंभीर विमान दुर्घटना माना जा सकता है।
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इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल एविएशन अथॉरिटी ने संकेत दिए हैं कि आंतरिक जांच के साथ-साथ एक स्वतंत्र जांच समिति भी बनाई जा सकती है, ताकि हादसे के असली कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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