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अमेरिका ने शुरू की ईरान की बंदरगाहों पर नाकाबंदी, 10,000 से ज्यादा सैनिक किए तैनात

US blockade Iran ports

US blockade Iran ports

इंटरनेशनल डेस्क: पश्चिम एशिया में हालात फिर तेजी से तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। इसी बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उसके बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी शुरू कर दी है। यह कार्रवाई डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तय की गई समय-सीमा खत्म होने के बाद शुरू की गई है।

अमेरिकी सेना की केंद्रीय कमान CENTCOM ने बताया कि इस अभियान में 10,000 से ज्यादा सैनिक, कई युद्धपोत और विमान शामिल हैं। नाकाबंदी के पहले 24 घंटों में कोई भी जहाज इसे पार नहीं कर सका। 6 व्यापारिक जहाजों को अमेरिकी निर्देशों का पालन करते हुए ओमान की खाड़ी में स्थित ईरानी बंदरगाहों की ओर वापस जाना पड़ा।

 

अमेरिका ने साफ किया है कि यह नाकाबंदी सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी देशों के जहाजों पर लागू होगी, जो ईरानी बंदरगाहों या तटीय इलाकों से आ-जा रहे हैं। हालांकि, अमेरिका ने यह भी कहा है कि वह Strait of Hormuz से गुजरने वाले उन जहाजों की सुरक्षा और आवाजाही का समर्थन करता रहेगा, जो गैर-ईरानी बंदरगाहों से जुड़े हैं।

सोमवार को United Kingdom Maritime Trade Operations (UKMTO) ने भी पुष्टि की कि उसे इस तरह की रिपोर्टें मिली हैं कि ईरान के समुद्री इलाकों जैसे अरब सागर, ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास में समुद्री गतिविधियों पर रोक लगाई जा रही है।

यह पूरा मामला ऐसे समय में बढ़ा है, जब पाकिस्तान में शांति वार्ता असफल रही है और Strait of Hormuz फिर से वैश्विक तनाव का केंद्र बन गया है। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से पहले लगभग 20% वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती थी।

इस स्थिति को संभालने के लिए इमैनुएल मैक्रों के नेतृत्व में फ्रांस और यूके एक अंतरराष्ट्रीय पहल कर रहे हैं। दोनों देश मिलकर 40 से ज्यादा देशों के साथ एक आपात बैठक आयोजित करेंगे। यह बैठक पेरिस में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए होगी, जिसमें समुद्री सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने पर चर्चा की जाएगी।

उधर भारत भी इस मामले पर नजर बनाए हुए है। पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा और Strait of Hormuz को खुला और सुरक्षित रखने पर जोर दिया।

 

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