ढाका: बांग्लादेश से एक बार फिर हिंसा की गंभीर खबर सामने आई है। मैमनसिंह इलाके में एक कपड़ा फैक्ट्री के अंदर 42 वर्षीय हिंदू व्यक्ति बजेंद्र बिसवास की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह हाल के दिनों में हिंदू समुदाय से जुड़ी तीसरी हत्या बताई जा रही है। इससे पहले दीपू चंद्र दास और अमृत मंडल की मौत की खबरें सामने आ चुकी हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना एक कपड़ा फैक्ट्री में हुई, जहां किसी बात को लेकर अचानक हिंसा भड़क गई। इसी दौरान 22 साल के नोमान मियां नाम के युवक ने शॉटगन से बजेंद्र बिसवास पर गोली चला दी। गोली उनके बाएं कंधे पर लगी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी नोमान मियां को गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि बजेंद्र बिसवास गांव की सुरक्षा से जुड़े एक स्थानीय पैरामिलिट्री समूह से जुड़े हुए थे। फैक्ट्री में उस समय काफी भीड़ मौजूद थी और सबके सामने यह वारदात हुई, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।
Same area: Bhaluka in Myemansingh — where Dipu Chandra Das was lynched to death — another #BangladeshiHindu Bajendra Biswas — is killed. Though it is claimed, the gunshot was unintentional. Accused Noman Miyan (in photo) is in custody. pic.twitter.com/tlfChiBVtG
— Anindya (@AninBanerjee) December 30, 2025
इससे पहले भी मैमनसिंह की एक कपड़ा फैक्ट्री से दीपू चंद्र दास को भीड़ जबरन बाहर घसीटकर ले गई थी और सड़कों पर पीट-पीट कर उसकी हत्या कर दी गई थी। बाद में उसके शव को पेड़ से बांधकर आग लगाने की बात भी सामने आई थी। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई नेताओं ने चिंता जताई थी और बांग्लादेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठे थे।
दीपू चंद्र दास की हत्या के बाद अमृत मंडल को भी भरे बाजार में भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला था। उस मामले में सरकार की ओर से कहा गया था कि यह सांप्रदायिक हिंसा नहीं थी, बल्कि उगाही से परेशान लोगों की प्रतिक्रिया थी। हालांकि, इस बयान को लेकर भी काफी विवाद हुआ था। लगातार हो रही इन हत्याओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इन घटनाओं को लेकर सरकार और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
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