Site icon Dainik Savera Times

धरती में हरियाली भरता वृक्षारोपण

हर वर्ष 12 मार्च को चीन का वृक्षारोपण दिवस है। मार्च की वसंत ऋतु में, सब कुछ जीवंत हो उठता है। इस समय, जलवायु गर्म है और वसंत की बारिश हो रही है, जो पौधों के जीवित रहने के लिए अनुकूल है। जलवायु को नियंत्रित करने, जल स्रोतों का संरक्षण करने और वायु प्रदूषण को कम करने के लिए वृक्षारोपण का बहुत महत्व है। सन् 1979 में, चीन ने हर साल 12 मार्च को वृक्षारोपण दिवस के रूप में नामित किया।

पहली जुलाई 2020 को, नव संशोधित “चीन का वन कानून” औपचारिक तौर पर प्रभावी हुआ, जिसमें 12 मार्च को कानूनी तौर पर वृक्षारोपण दिवस बनाया गया। वर्ष 2024 में 46वां वृक्षारोपण दिवस मनाया जाएगा। यह सर्वमान्य है कि पेड़ मानव अस्तित्व और पृथ्वी के पारिस्थितिक पर्यावरण में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक पेड़ मानव जीवन के पर्यावरण की रक्षा और सुधार में अहम भूमिका निभाता है,

इसका पारिस्थितिक मूल्य जलवायु को विनियमित करने, वायु आर्द्रता बढ़ाने, हवा में हानिकारक पदार्थों को अवशोषित करने, पानी की गुणवत्ता में सुधार करने, हवा की गति को धीमा करने, शोर को कम करने, जैव विविधता को बढ़ावा देने, ऑक्सीजन और प्रोटीन का उत्पादन करने आदि में परिलक्षित होता है। पिछले 40 से अधिक सालों में, वृक्षारोपण को निरंतर बढ़ावा देने के माध्यम से, चीन की भूमि हरियाली ने उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त किए हैं। 12 मार्च 2023 को, 45वें वृक्षारोपण दिवस के समय चीन ने “साल 2022 चीन भूमि हरित स्थिति बुलेटिन” जारी किया,

जिससे पता चला है कि उस समय तक, चीन का वन क्षेत्रफल 23.1 करोड़ हेक्टेयर है, वन कवरेज दर 24.02 प्रतिशत तक पहुँच गई, घास-मैदान का क्षेत्रफल 26.5 करोड़ हेक्टेयर है, घास-मैदान की व्यापक वनस्पति कवरेज दर 50.32 प्रतिशत तक पहुँच गई है। जबकि दुनिया के वन संसाधन घट रहे हैं, चीन ने अपने वन संसाधनों में निरंतर वृद्धि हासिल की है। चीन के वृक्षारोपण ने धरती पर खूब हरियाली लायी है। साथ ही, वन वनस्पति का सुधार न केवल घरों को सुंदर बनाता है, कृषि भूमि पर मिट्टी के कटाव और रेतीले तूफ़ान के नुकसान को कम करता है, बल्कि वन पारिस्थितिकी प्रणालियों की कार्बन भंडारण क्षमता में भी प्रभावी ढंग से सुधार करता है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

Exit mobile version