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ट्रंप का बड़ा दावा, ईरान पर हमला नहीं करेगा अमेरिका, होर्मुज खोलने और परमाणु खतरा खत्म करने पर सहमति बनी

Strait of Hormuz toll

Strait of Hormuz toll

इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान पर एक बहुत बड़े सैन्य हमले की पूरी तैयारी कर ली थी। उनके अनुसार, अगर यह हमला होता तो इसकी ताकत और पैमाना दूसरे विश्व युद्ध के बाद हुए सबसे बड़े सैन्य अभियानों में गिना जाता। हालांकि, आखिरी समय पर इस हमले को रोक दिया गया।

ट्रंप बोले- ईरान और दूसरे देशों ने की हमले को रोकने की अपील
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान और मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) के कई देशों ने अमेरिका से इस हमले को रोकने की अपील की। उनका कहना है कि इन देशों ने बातचीत के जरिए विवाद को खत्म करने की इच्छा जताई, जिसके बाद अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई फिलहाल टालने का फैसला किया।

किन शर्तों पर टला हमला
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका ने यह हमला कुछ अहम शर्तों के साथ रोका है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान जल्द एक समझौते (डील) पर सहमत हो जाता है, तो अमेरिका आगे कोई नया हमला नहीं करेगा।

उन्होंने जिन प्रमुख शर्तों का जिक्र किया, उनमें शामिल हैं स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को पूरी तरह से खोलना। ईरान का अपना परमाणु (न्यूक्लियर) कार्यक्रम पूरी तरह समाप्त करना। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सभी पक्षों का सहयोग करना।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज क्यों है महत्वपूर्ण
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। इसी रास्ते से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस दुनिया के कई देशों तक पहुंचती है। अगर यह मार्ग बंद हो जाता है, तो वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है और तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है। इसलिए अमेरिका चाहता है कि यह समुद्री मार्ग पूरी तरह खुला रहे।

ट्रंप का दावा- ईरान ने शर्तें स्वीकार कर ली हैं
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान और मध्य पूर्व के अन्य देश उनकी ओर से रखी गई शर्तों को मानने के लिए तैयार हो गए हैं। उनका कहना है कि इसी वजह से अमेरिका ने फिलहाल सैन्य हमला रोक दिया है। उन्होंने लिखा कि यदि सभी पक्ष जल्द समझौते को अंतिम रूप देते हैं, तो क्षेत्र में शांति स्थापित हो सकती है और आगे किसी बड़े युद्ध की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इजरायल भी समझौते के समर्थन में
ट्रंप के अनुसार इजरायल भी इस समझौते को आगे बढ़ाने में अमेरिका के साथ काम करने के लिए तैयार है। उनका कहना है कि दोनों देश मिलकर ऐसा समाधान चाहते हैं जिससे क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित हो सके।

ट्रंप का संदेश
ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि मध्य पूर्व के देशों की अपील को देखते हुए उन्होंने दुनिया के भविष्य और ईरान के विकास को ध्यान में रखकर हमले को रोकने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समझौता हो जाता है, तो सभी पक्षों को मिलकर इसे सफल बनाना चाहिए।

बड़े हमले के लिए पहले से थी तैयारी
ट्रंप के दावे के अनुसार, अमेरिका ने संभावित सैन्य कार्रवाई की पूरी तैयारी कर ली थी। इसी दौरान अमेरिकी सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की थी। इस एडवाइजरी में कहा गया था कि आने वाले दिनों में कई एयरलाइंस मध्य पूर्व की उड़ानें रद्द कर सकती हैं। क्षेत्र के कई इलाकों में बमबारी या सैन्य कार्रवाई हो सकती है। ईरान की ओर से अमेरिकी दूतावासों और राजनयिक अधिकारियों को निशाना बनाए जाने का खतरा हो सकता है। ऐसे हालात में अमेरिकी नागरिकों को मध्य पूर्व छोड़ने या वहां से निकलने की तैयारी रखने की सलाह दी गई थी।

फिलहाल हमले पर रोक, लेकिन समझौते का इंतजार
ट्रंप के अनुसार, अमेरिका ने फिलहाल ईरान पर हमला रोक दिया है। अब आगे क्या होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि दोनों पक्षों के बीच प्रस्तावित समझौता कितनी जल्दी और किन शर्तों के साथ पूरा होता है।

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