Last Updated: November 6, 2026

Dainik Savera Times Logo

अबू धाबी:”शांति की प्रतिध्वनि” सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का यूएई सत्र आयोजित 

August 23, 2025

अबू धाबी:”शांति की प्रतिध्वनि” सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का यूएई सत्र आयोजित 

21 अगस्त को, चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) स्थित चीनी दूतावास द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित “शांति की प्रतिध्वनि” सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का यूएई सत्र आबू धाबी में आयोजित किया गया।  इस मौके पर, सीएमजी महानिदेशक शन हाईश्योंग ने एक वीडियो संबोधन दिया और यूएई में चीनी राजदूत चांग यिमिंग ने इस कार्यक्रम में भाग लिया और भाषण दिया। संयुक्त अरब अमीरात के दुबई सामरिक अनुसंधान केंद्र के अध्यक्ष मोहम्मद फिरास अलनाएब, प्रसिद्ध मध्य पूर्वी लेखक और वरिष्ठ मीडियाकर्मी खालिद उमर, तथा मध्य पूर्व के शिक्षा जगत और मीडिया जगत से 60 से अधिक अतिथि इस कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने युद्धोत्तर अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखने तथा दक्षिण-दक्षिण सहयोग को मजबूत करने जैसे विषयों पर बातचीत की और विचारों का आदान-प्रदान किया।

सीएमजी महानिदेशक शन हाईश्योंग ने कहा कि इस वर्ष चीनी जनता के जापानी अतिक्रमण विरोधी युद्ध और विश्व फासीवाद विरोधी युद्ध की विजय की 80वीं वर्षगांठ है। 80 साल पहले, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा समर्थित और स्थापित जापानी-विरोधी राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चे के झंडे तले, चीनी जनता ने अडिग होकर संघर्ष किया और खूनी लड़ाइयाँ लड़ीं। उन्होंने दुनिया की न्यायप्रिय ताकतों के साथ एक-दूसरे का साथ दिया, फ़ासीवाद को कंधे से कंधा मिलाकर हराया, और एक वीर महाकाव्य लिखा। इतिहास सर्वोत्तम पाठ्यपुस्तक है। आज के परिवर्तन और उथल-पुथल से भरे विश्व में, हमें इस शानदार इतिहास से ज्ञान और शक्ति प्राप्त करने तथा आम चुनौतियों का सामना करने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता है। केवल इतिहास को याद रखकर ही हम शांति की दृढ़तापूर्वक रक्षा कर सकते हैं।

शन हाईश्योंग के अनुसार, चाइना मीडिया ग्रुप अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों के साथ सहयोग को गहरा करने और समाचार रिपोर्टिंग, सूचना आदान-प्रदान और संसाधन साझाकरण के लिए एक मीडिया प्लेटफ़ॉर्म बनाने हेतु “विचार + कला + तकनीक” को एकीकृत करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा उद्देश्य चीन की आवाज़ को आधिपत्य का विरोध करने, न्याय को बनाए रखने और सही मार्ग पर चलने के लिए व्यक्त करना है। हमारा लक्ष्य एकता के माध्यम से चुनौतियों का सामना करना और सहयोग के माध्यम से विकास को आगे बढ़ाना है। उन्होंने इतिहास से सबक लेते हुए एक बेहतर भविष्य का निर्माण करने, हाथ मिलाकर मानव जाति के साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण करने का आह्वान किया, ताकि शांति की धूप हमारे घर को रोशन कर सके!

वहीं, राजदूत चांग यिमिंग ने कहा कि विश्व फ़ासीवाद-विरोधी युद्ध मानव इतिहास में अभूतपूर्व पैमाने का युद्ध था। चीन ने 3.5 करोड़ हताहतों की भारी कीमत चुकाकर पूर्व में मुख्य फ़ासीवाद-विरोधी युद्धक्षेत्र का समर्थन किया और विश्व फ़ासीवाद-विरोधी युद्ध की विजय में एक अमिट और महत्वपूर्ण योगदान दिया। संयुक्त राष्ट्र विश्व फ़ासीवाद-विरोधी युद्ध की विजय की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हम संयुक्त राष्ट्र को केंद्र में रखकर अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था और अंतर्राष्ट्रीय कानून पर आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की बेहतर सुरक्षा के लिए इस महान विजय का स्मरण करते हैं। 

चांग ने यह भी कहा कि वर्तमान में, कुछ देश एकतरफ़ा धौंस जमा रहे हैं, जब अंतरराष्ट्रीय नियमों से उनके हित सधते हैं तो उनका इस्तेमाल करते हैं और जब उनसे लाभ नहीं होता तो उन्हें छोड़ देते हैं। सभी देशों को संयुक्त राष्ट्र के अधिकार और स्थिति को दृढ़ता से बनाए रखना चाहिए और वैश्विक शासन को अधिक न्यायसंगत और समतापूर्ण दिशा में बढ़ावा देना चाहिए। यह वर्ष शांगहाई सहयोग संगठन (एससीओ) का “चीन वर्ष” भी है। चीन संयुक्त अरब अमीरात सहित एससीओ भागीदारों के साथ मिलकर ठोस कार्रवाइयों के माध्यम से बहुपक्षवाद को लागू करना चाहता है, वैश्विक शासन में सुधार करना चाहता है, अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था बनाए रखना चाहता है, और मानव जाति के साझा भविष्य वाले समुदाय का निर्माण करने को तैयार है।

उधर, मोहम्मद फिरास अलनाएब ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद से, चीन और संयुक्त अरब अमीरात विश्व शांति के निर्माता, वैश्विक विकास में योगदानकर्ता और अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के रक्षक रहे हैं, इसके साथ ही, दोनों देश विश्व शांति, स्थिरता और साझा विकास को बढ़ावा देने के लिए दीर्घकालिक प्रतिबद्धता रखते हैं। राष्ट्रपति शी चिनफिंग की “बेल्ट एंड रोड” पहल और तीन प्रमुख वैश्विक पहलों ने चीनी बुद्धिमत्ता का संचार किया है और वैश्विक शासन में सुधार, सतत विकास और समावेशी वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए व्यावहारिक और व्यवहार्य चीनी समाधान प्रदान किए हैं। 

उन्होंने यह भी कहा कि मध्य पूर्व में एक महत्वपूर्ण प्रभाव वाले देश के रूप में, संयुक्त अरब अमीरात ने ब्रिक्स सहयोग तंत्र जैसे बहुपक्षीय ढाँचों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। भविष्य में, यूएई एक अधिक समान, खुले और समावेशी वैश्विक शासन प्रणाली के निर्माण में योगदान देने के लिए चीन के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा।

इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने वृत्तचित्र फिल्म “द सिंकिंग ऑफ़ द लिस्बन मारू” और चीन-रूस सह-निर्माण “महान विजय: सोवियत फ़ोटोग्राफ़रों के नज़रिए से चीनी जनता के जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध” का प्रचार वीडियो देखा। इसके साथ-साथ, चीनी जनता के जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध पर आधारित सीएमजी द्वारा बनाए गए अन्य उच्च-गुणवत्ता वाली फिल्में और टेलीविजन कार्यक्रम भी प्रदर्शित किए गए।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग) 

ये भी पढ़ें : तीसरी तिमाही में Nifty 500 कंपनियों की Profit Growth 16%, 8 तिमाहियों में सबसे तेज

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें