न्यूयॉर्क/वाशिंगटन: अमरीका ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को लेकर वॉशिंगटन और नई दिल्ली के ‘परस्पर जागरूक’ होने पर जोर देते हुए कहा है कि वह भारत को की जा जाने वाली लंबित प्रमुख रक्षा बिक्री की प्रक्रिया जल्द पूरी कर लेगा। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को पेंटागन (अमेरिका के रक्षा मंत्रलय के मुख्यालय) में अमरीकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से मुलाकात के बाद कहा कि उन्होंने भारत-अमरीका रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने और आपसी हितों, क्षमताओं एवं जिम्मेदारियों को लेकर सार्थक वार्ता की। रक्षा विभाग (डीओडी) के समाचार लेख के अनुसार, हेगसेथ ने कहा कि अमरीका और भारत ‘‘क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को लेकर परस्पर जागरूक हैं और दोनों देशों में उस खतरे का मिलकर मुकाबला करने की क्षमता है।’ डीओडी समाचार में बताया गया कि हेगसेथ ने भारत को
हिंद प्रशांत क्षेत्र में खतरों का मुकाबला करने के लिए आवशय़क उपकरण प्रदान करने के अमरीकी प्रयासों पर भी बात की। लेख के अनुसार, हेगसेथ ने कहा, ‘भारत के शागार में कई अमरीकी रक्षा उत्पादों के सफल एकीकरण से अमेरिका बहुत प्रसन्न है।’ उन्होंने कहा, ‘‘इस प्रगति के आधार पर हम आशा करते हैं कि हम भारत को कई प्रमुख लंबित अमरीकी रक्षा बिक्री पूरी कर सकेंगे, अपने साझा रक्षा औद्योगिक सहयोग और सह-उत्पादन प्रयासों का विस्तार कर सकेंगे, अपनी सेनाओं के बीच संयुक्त अभियानों को मजबूत कर सकेंगे और फिर अमरीका-भारत प्रमुख रक्षा साझेदारी के लिए एक नए 10-वर्षीय ढांचे पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर कर सकेंगे.. हमें आशा है कि हम बहुत जल्द ही ऐसा कर लेंगे।’

