“आप हमसे शांति मांगते हैं और हम देते हैं और डोनट की दुकान से बाहर निकलते समय सड़कों पर हमारे चेहरे पर गोली लग जाती है।”यह शिकायत अमेरिकी मिनेसोटा राज्य के गवर्नर टिम वाल्ज़ की है जहां एक महीने के अंदर, मिनेसोटा में अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन के कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने दो अमेरिकी नागरिकों को गोली मार दी। यह बात अमेरिकी फ़ेडरल सरकार और राज्य सरकारों के बीच बढ़ती दरार और टकराव को दिखाती है।
सीजीटीएन द्वारा दुनिया भर के नेटिज़न्स के लिए जारी एक सर्वे से पता चलता है कि 92.2% जवाब देने वालों का मानना है कि अमेरिकी समाज एक ऐसे बुरे चक्कर में फंस गया है जिसमें“हिंसक घटनाएं सख्त कंट्रोल को बढ़ावा देती हैं, और सख्त कंट्रोल और ज़्यादा हिंसक घटनाओं को बढ़ाते हैं”।“अमेरिका अमेरिका पर हमला कर रहा है”की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
लंबे समय से, अमेरिकी संघीय कानून प्रवर्तन अधिकारियों के हिंसक काररवाई से पैदा दुखद घटनाएँ सामने आती रही हैं। सर्वे में, 88.2% उत्तरदाताओं ने कहा कि हिंसक कानूनी कार्यांवयन अमेरिकी समाज की एक गहरी बीमारी बन गई है, जो नस्लीय भेदभाव, अमीर गरीब का अंतर और हथियारों के बढ़ते इस्तेमाल जैसे मुद्दों से जुड़ी हुई है, और एक ऐसा बुरा चक्र बना रहा है जिसे तोड़ना मुश्किल है।इस बीच कानून ठीक से लागू न किए जाने से अमेरिकी समाज में सुरक्षा की भावना खत्म हो रही है ।
93.6% उत्तरदाताओं का मानना है कि वर्तमान अमेरिकी प्रणाली कानून प्रवर्तन अधिकारियों के पक्ष में प्रणालीगत पूर्वाग्रह दिखाती है जो ताकत का गलत इस्तेमाल करते हैं; 93.4% का मानना है कि यह घटना किसी भी तरह से कोई अकेला सार्वजनिक सुरक्षा मामला नहीं है, बल्कि यह अमेरिका में सामाजिक अव्यवस्था, संस्थागत विफलता और राजनीतिक ध्रुवीकरण का नतीजा है; 89% लोगों का मानना है कि अमेरिका अब सुरक्षित नहीं रहा।
इस के अलावा इस सर्वे में 91.1% जवाब देने वालों का मानना है कि अमेरिकी राज्य सरकारों और फेडरल सरकार के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है और 79.6% लोग इस बात से बहुत चिंतित हैं कि ऐसी ही घटनाएं होती रहेंगी।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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