Last Updated: November 7, 2026

Dainik Savera Times Logo

अमेरिका में ज्वालामुखी 1000 फीट तक उगल रहा लावा, आसपास के इलाकों में गिर रहे पत्थर और राख

March 11, 2026

अमेरिका में ज्वालामुखी 1000 फीट तक उगल रहा लावा, आसपास के इलाकों में गिर रहे पत्थर और राख

इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका के किलाउआ ज्वालामुखी में एक बार फिर तेज ज्वालामुखीय गतिविधि देखने को मिल रही है। हवाई राज्य के बिग आइलैंड पर स्थित यह ज्वालामुखी करीब 1000 फीट ऊंचाई तक लावा उगल रहा है। ज्वालामुखी से निकलने वाला लावा, छोटे-छोटे पत्थर और राख आसपास के इलाकों में गिर रहे हैं, जिससे सुरक्षा के मद्देनजर कुछ क्षेत्रों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लावा निकलने की यह नई गतिविधि मंगलवार, 10 मार्च 2026 की सुबह शुरू हुई। वैज्ञानिकों का कहना है कि दिसंबर 2024 से जारी इस ज्वालामुखीय दौर में यह अब तक की 43वीं घटना है। विशेषज्ञ अभी यह तय नहीं कर पाए हैं कि यह गतिविधि कितने समय तक जारी रहेगी। पहले भी कई बार ऐसा हुआ है, जब ज्वालामुखी कुछ घंटों के लिए सक्रिय रहा और कुछ मौकों पर यह कई दिनों तक लावा उगलता रहा।

अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल लावा हवाई वोल्केनोज नेशनल पार्क के शिखर क्रेटर के भीतर ही सीमित है और आसपास के रिहायशी इलाकों के लिए अभी कोई सीधा खतरा नहीं बना है। हालांकि ज्वालामुखी से निकलने वाली राख और कांच जैसे बारीक कण आसपास के क्षेत्रों और हाईवे 11 के कुछ हिस्सों में गिर रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने पार्क के आसपास के कुछ क्षेत्रों और हाईवे के एक हिस्से को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।

स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर लोगों के लिए एक अस्थायी शरण स्थल भी तैयार किया है, ताकि किसी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थान पर रखा जा सके। वहीं नेशनल वेदर सर्विस ने भी लोगों को राख गिरने की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ज्वालामुखी से निकलने वाला टेफ्रा यानी राख और छोटे पत्थर आंखों, त्वचा और सांस से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा यह बारिश का पानी इकट्ठा करने वाली टंकियों और जल संग्रह प्रणाली को भी नुकसान पहुंचा सकता है, जो बिग आइलैंड के कई इलाकों में आम तौर पर इस्तेमाल की जाती हैं।

बता दें किलाउआ को दुनिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में गिना जाता है। यहां समय-समय पर ज्वालामुखीय गतिविधियां होती रहती हैं। फिलहाल प्रशासन और वैज्ञानिक स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए अलर्ट पर हैं।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें