इंटरनेशनल डेस्क: ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, आज सुबह अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के नतान्ज यूरेनियम संवर्धन केंद्र पर हमला किया। यह जगह ईरान के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा काम होता है।
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हालांकि, शुरुआती जांच में यह बताया गया है कि इस हमले के बाद वहां किसी तरह का रेडियोएक्टिव (खतरनाक) रिसाव नहीं हुआ है। इसका मतलब है कि आसपास रहने वाले लोगों को फिलहाल कोई खतरा नहीं है। फिर भी, ईरान की एजेंसी ने कहा कि इस तरह का हमला अंतरराष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा नियमों के खिलाफ है।
ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की
दूसरी तरफ, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की। एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, ईरान ने हिंद महासागर में स्थित अमेरिका और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य अड्डे “डिएगो गार्सिया” पर दो मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह अड्डा ईरान से काफी दूर (लगभग 3,800 किलोमीटर) है और अमेरिका के लिए एक महत्वपूर्ण सैन्य बेस माना जाता है। हालांकि राहत की बात यह है कि दोनों मिसाइलें अपने लक्ष्य पर नहीं गिरीं और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
हालात और गंभीर हो सकते हैं
ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने इस हमले को एक बड़ा कदम बताया है। उनके अनुसार, यह कार्रवाई अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को यह दिखाने के लिए की गई है कि ईरान अब पश्चिम एशिया से बाहर भी जवाब देने की क्षमता रखता है। कुल मिलाकर, इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

