Last Updated: September 22, 2026

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आजादी की दहलीज पर पहुंच चुका है वेनेजुएला : मचाडो

January 17, 2026

आजादी की दहलीज पर पहुंच चुका है वेनेजुएला : मचाडो

वाशिंगटन: वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो ने कहा है कि उनका देश अब “आजादी की दहलीज” पर पहुंच चुका है। हाल के राजनीतिक बदलावों और मादुरो सरकार के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई के बाद लोकतंत्र की ओर बढ़ने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वाशिंगटन में एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि 3 जनवरी 2026 को एक नया और अहम पड़ाव हासिल हुआ। उन्होंने कहा, “हम निश्चित रूप से अब लोकतंत्र की ओर एक सच्चे बदलाव के पहले कदम उठा रहे हैं।”

 

हेरिटेज फाउंडेशन में बोलते हुए मचाडो ने कहा कि वेनेजुएला में उन्हें जिन खतरों का सामना करना पड़ा, उसे देखते हुए अमेरिका आना उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि एक आज़ाद देश में बैठना भी किसी सपने जैसा लगता है। उन्होंने याद दिलाया कि वेनेजुएला के लोग वर्षों से दमन झेलते आ रहे हैं, जहां न साधन थे, न पैसा और न ही स्वतंत्र प्रेस।उन्होंने इस आंदोलन का श्रेय आम लोगों के हौसले को दिया। उन्होंने कहा, “लोग बिना संसाधनों के भी आजाद होने के लिए दृढ़ हैं… सबसे क्रूर अत्याचार का सामना करते हुए भी वे जीत सकते हैं। विश्वास की शक्ति और प्यार की शक्ति सबसे मजबूत होती है।”

 

मचाडो ने कहा कि जिन वेनेजुएला वासियों ने कभी लोकतंत्र नहीं देखा, उन्होंने भी सम्मान और न्याय के लिए अपनी जान जोखिम में डाली है। । उन्होंने कहा, “यह सब मानवीय गरिमा के बारे में है। यह सब न्याय के बारे में है। यह सब प्यार के बारे में है।” उन्होंने उन बच्चों का जिक्र किया जो बिना माता-पिता, शिक्षा और भोजन के बड़े हो रहे हैं। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी जनता का आभार जताया। उनका कहना था कि अमेरिका की कार्रवाई के लिए बहुत साहस चाहिए था और ट्रंप ने यह कदम न सिर्फ अपने देश के लोगों की ओर से, बल्कि वेनेजुएला के लोगों की परवाह करते हुए उठाया।

मचाडो ने कहा कि ट्रंप ने इस हफ़्ते की शुरुआत में एक मीटिंग के दौरान व्यक्तिगत रूप से उन्हें यह संदेश दिया था। उन्होंने कहा, “उन्होंने मुझे कल यह बताया, और मुझे लगता है कि यह सबसे महत्वपूर्ण संदेश था जिसे मैं अपने देश वापस ले जा सकती हूं।” उन्होंने मानवीय संकट की गंभीरता पर भी बात की। मचाडो ने बताया कि देश में राजनीतिक कैदी हैं, लोग निर्वासन झेल रहे हैं और कुपोषण बहुत तेजी से फैल चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले सौ साल में पहली बार ऐसी पीढ़ी सामने आई है जो सबसे ज्यादा कुपोषण झेल रही है।

 

अस्थिरता की आशंकाओं पर जवाब देते हुए मचाडो ने कहा कि वेनेजुएला का बदलाव दूसरे देशों से अलग होगा। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में संघर्ष को बढ़ावा देने वाले कोई धार्मिक, नस्लीय या क्षेत्रीय विभाजन नहीं हैं। उनके मुताबिक, यह समाज क्षेत्र का सबसे ज्यादा एकजुट समाज है, जहां 90 प्रतिशत लोग एक ही बात चाहते हैं। एक ही चाहत है, जिसने पूरे देश को जोड़ा है- अपने बच्चों को वापस घर लाना।

 

मचाडो ने कहा कि वेनेजुएला वासी काम के जरिए सम्मान चाहते हैं, भीख या सहारे की जिंदगी नहीं। उन्होंने खास तौर पर कहा कि महिलाएं मुफ्त मदद नहीं चाहतीं, वे अपने काम के दम पर सम्मान के साथ जीना चाहती हैं। उन्होंने भविष्य के वेनेजुएला को अमेरिका का सच्चा मित्र बताया और कहा कि मौजूदा शासन और आम जनता में फर्क है। मचाडो ने एक व्यवस्थित बदलाव पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि एक स्थिर बदलाव के बाद वेनेजुएला एक गर्वित देश बनेगा और अमेरिका का सबसे मजबूत सहयोगी साबित होगा। अंत में उन्होंने वेनेजुएला वासियों को भरोसा दिलाया कि देश जरूर आज़ाद होगा। उन्होंने कहा, “वेनेजुएला आजाद होने वाला है और यह अमेरिका के लोगों और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन से हासिल होगा।”

 

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