इंटरनेशनल डेस्क: बांग्लादेश की राजधानी ढाका में कल देर रात हालात अचानक बिगड़ गए और बड़े पैमाने पर हिंसा देखने को मिली। प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने शहर के कई इलाकों में जमकर तोड़फोड़ की और कई इमारतों व वाहनों में आग लगा दी। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को मौके पर तैनात करना पड़ा।

यह हिंसा इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की। उनकी मौत की खबर सामने आते ही बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और कई जगहों पर आगजनी की घटनाएं होने लगीं।
उपद्रव के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मीडिया संस्थानों को भी निशाना बनाया। ढाका के करवान बाजार इलाके में स्थित प्रोथोम आलो के कार्यालय में तोड़फोड़ की गई और द डेली स्टार की इमारत में आग लगा दी गई। इस दौरान कई पत्रकारों पर हमले किए गए और कुछ को जिंदा जलाने की कोशिश के आरोप भी सामने आए हैं। मीडिया से जुड़े लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
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हिंसा केवल ढाका तक सीमित नहीं रही। राजशाही शहर में भी प्रदर्शनकारियों ने अवामी लीग के दफ्तरों को आग के हवाले कर दिया। कई जगहों पर सड़कों को जाम कर दिया गया, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक, शरीफ उस्मान हादी बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ चले आंदोलन में अहम चेहरा माने जाते थे। कुछ दिन पहले ढाका के बिजॉयनगर इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान अज्ञात हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी थी। गंभीर हालत में पहले उनका इलाज ढाका में किया गया, इसके बाद 15 दिसंबर को उन्हें एयर एंबुलेंस से सिंगापुर भेजा गया था। इलाज के दौरान सिंगापुर में उनकी मौत हो गई।

हादी की मौत की पुष्टि बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय और सिंगापुर के अधिकारियों ने की। जैसे ही यह खबर फैली, लोगों में गुस्सा फैल गया और बड़ी संख्या में लोग शाहबाग चौराहे पर जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दिया और सरकार पर हादी की सुरक्षा में नाकाम रहने का आरोप लगाया।
बढ़ती हिंसा को देखते हुए अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने उच्चस्तरीय आपात बैठक बुलाई है। हालात पर नजर रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। वहीं मोहम्मद यूनुस ने जनता से शांति बनाए रखने और कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की है।

फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रशासन हालात को नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रहा है। हिंसा में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है।
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