इंटरनेशनल डेस्क: चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी ने 4 मार्च को सऊदी विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला से फोन पर बात की।
फैसल ने वांग को मध्य पूर्व की ताज़ा स्थिति से अवगत कराया और कहा कि सऊदी अरब नहीं चाहता कि यह क्षेत्र युद्ध की चपेट में आए, लेकिन उसे इस बात की चिंता है कि संघर्ष अभी भी फैल रहा है और इसके और बढ़ने की आशंका है। सऊदी अरब ने संयम बरता है, लेकिन आत्मरक्षा के अधिकार को बरकरार रखा है और आशा करता है कि संकट को दूर किया जा सकता है और इसे कम करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। सऊदी अरब क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर चीन के ज़ोर और इस संबंध में उसकी सकारात्मक भूमिका की सराहना करता है और शांति को बढ़ावा देने और युद्ध को रोकने के लिए चीन के साथ संचार और समन्वय को मजबूत करने के लिए तैयार है, ताकि मध्य पूर्व में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता प्राप्त की जा सके।
वांग यी ने कहा कि मध्य पूर्व में युद्ध के फैलने से सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देश प्रभावित हो रहे हैं, जिसे चीन नहीं देखना चाहता। किसी भी कारण से अंधाधुंध बल प्रयोग अस्वीकार्य है, और निर्दोष नागरिकों और गैर-सैन्य लक्ष्यों पर किसी भी हमले की कड़ी निंदा की जानी चाहिए। चीन सऊदी अरब के संयम और शांतिपूर्ण तरीके से मतभेदों को सुलझाने के उसके आग्रह की सराहना करता है।
क्षेत्रीय देशों द्वारा हासिल किया गया सुलह अमूल्य है और इसे संजोकर रखने और जारी रखने योग्य है। चीन हमेशा से शांति का समर्थक रहेगा और रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा, और मध्यस्थता के लिए मध्य पूर्व मुद्दों पर एक विशेष दूत को क्षेत्रीय देशों में भेजेगा। चीन सभी पक्षों से सैन्य अभियान रोकने, जल्द से जल्द बातचीत और विचार-विमर्श शुरू करने और तनाव को और बढ़ने से रोकने का पुरजोर आग्रह करता है।
अब्दुल्लाह ने वांग को क्षेत्रीय स्थिति और यूएई के रुख के बारे में जानकारी दी और कहा कि यूएई युद्ध का पक्षकार नहीं है, उसने संघर्ष में भाग नहीं लिया है और उस पर अवैध हमले नहीं होने चाहिए। यूएई चीन के निष्पक्ष और तटस्थ रुख के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता की सराहना करता है और चीन से अपेक्षा करता है कि वह क्षेत्रीय तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए वर्तमान गंभीर स्थिति में सकारात्मक और महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहे। यूएई चीनी कर्मियों और संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपाय करता रहेगा।
वांग यी ने ईरान की वर्तमान स्थिति पर चीन के सैद्धांतिक रुख को दोहराते हुए कहा कि युद्ध का विस्तार किसी भी पक्ष के हित में नहीं है और इससे केवल क्षेत्र के लोगों को ही नुकसान होगा। संघर्ष में नागरिकों की सुरक्षा की लक्ष्मण रेखा को पार नहीं किया जाना चाहिए। ऊर्जा, अर्थव्यवस्था और लोगों की आजीविका जैसे गैर-सैन्य लक्ष्यों पर हमला नहीं किया जाना चाहिए और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। संयुक्त अरब अमीरात युद्ध से पहले से ही शांति के लिए प्रयासरत है, मौजूदा संकट से उबरने और क्षेत्रीय सुरक्षा बनाए रखने का एकमात्र तरीका संवाद और कूटनीति है।
चीन राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए यूएई की वैध मांगों का समर्थन करता है और क्षेत्रीय देशों को कूटनीतिक माध्यमों से विवादों को सुलझाने के प्रयासों को जारी रखने में सहयोग देता है। चीन शांति की उम्मीद नहीं छोड़ेगा और इस संबंध में रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा। चीन शांति और स्थिरता की वापसी के लिए मध्यस्थता और प्रोत्साहन हेतु मध्य पूर्व मामलों पर एक विशेष दूत को क्षेत्र में भेजेगा। चीन आशा करता है कि यूएई अपने देश में चीनी नागरिकों और संस्थानों की सुरक्षा की गारंटी देना जारी रखेगा।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)
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