इंटरनेशनल डेस्क: मंगलवार को ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच तनाव और बढ़ गया। अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के कई इलाकों पर हवाई हमले किए। इन हमलों में अल्बोर्ज प्रांत में 18 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 2 बच्चे भी शामिल हैं।
बताया गया है कि खोर्रमाबाद एयरपोर्ट को भी निशाना बनाया गया। इसके अलावा ईरान के करीब 17 रिहायशी इलाकों पर बमबारी की गई, जिससे आम लोगों को काफी नुकसान हुआ। ईरान की राहत संस्था (रेड क्रिसेंट) ने कहा कि नागरिकों पर हमला करना गलत है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। उन्होंने इसे युद्ध अपराध बताया।
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ईरान ने किया पलटवार:
हमलों के जवाब में ईरान ने भी इजरायल पर कई मिसाइलें दागीं। इजरायल मीडिया के अनुसार, इन हमलों से मध्य इजरायल में नुकसान हुआ है, हालांकि इजरायल ने दावा किया कि उसने कई मिसाइलों को रास्ते में ही रोक दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ मिसाइलों में क्लस्टर बम (छोटे-छोटे कई विस्फोट करने वाले हथियार) इस्तेमाल किए गए थे।
ईरान पूरी ताकत से जवाब दे रहा:
ईरान के सैन्य सूत्रों का कहना है कि देश के सभी शहरों में मिसाइल लॉन्चर सक्रिय कर दिए गए हैं। नई टीमें तैनात की गई हैं और लगातार जवाबी हमले किए जा रहे हैं।
तेहरान में भी धमाके:
ईरान की राजधानी तेहरान में भी जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। आसमान में लड़ाकू विमान उड़ते हुए देखे गए, जिससे लोगों में डर का माहौल है।
ट्रंप की चेतावनी का असर:
इन हमलों को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने ईरान को समझौता करने के लिए समय दिया था और कहा था कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो ईरान के पुल और ऊर्जा संयंत्रों को नष्ट कर दिया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि हालात बेहद तनावपूर्ण हैं और दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं। इससे आम लोगों की सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा हो गया है।

