इंटरनेशनल डेस्क: ईरान की सेना के एक अहम संगठनइस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने पुष्टि की है कि उनके खुफिया विभाग के प्रमुख माजिद खादेमी की एक हमले में मौत हो गई है। माना जा रहा है कि यह हमला इजरायल की ओर से किया गया था।
IRGC ने कहा कि माजिद खादेमी ने कई दशकों तक ईरान की सुरक्षा और खुफिया अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने देश को बाहरी खतरों और साजिशों से बचाने में बड़ा योगदान दिया। संगठन ने उनके काम को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक बताया है।
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ट्रंप का दावा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 5 अप्रैल को सोशल मीडिया पर दावा किया कि तेहरान में कई बड़े ईरानी सैन्य नेताओं को मार गिराया गया है। उन्होंने इसे एक “बड़ा हमला” बताया और एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें धमाकों से आसमान चमकता हुआ दिख रहा था।
ऑपरेशन और बढ़ता तनाव
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” शुरू किया था। इस ऑपरेशन में ईरान के सैन्य ठिकानों मिसाइल बेस कमांड सेंटर और IRGC की सुविधाओं को निशाना बनाया गया। इसका मकसद था ईरान के शीर्ष नेतृत्व को खत्म करके उसकी ताकत कमजोर करना।
बड़े नेताओं की मौत
इन हमलों में ईरान के कई बड़े नेता मारे जाने की खबर है, जिनमें ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई, वरिष्ठ राजनीतिज्ञ और सुरक्षा रणनीतिकार अली लारीजानी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अली लारीजानी शामिल हैं। इसके अलावा IRGC के कई कमांडर, नौसेना प्रमुख, खुफिया अधिकारी और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी मारे गए।
पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ा
इन घटनाओं से साफ है कि पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ गया है। लगातार हमलों और जवाबी कार्रवाई की वजह से हालात और बिगड़ सकते हैं। ईरान ने भी साफ कहा है कि वह अपनी सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क रहेगा।

