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शी चिनफिंग ने मध्य एशियाई देशों के राष्ट्रपतियों से मुलाकात की

स्थानीय समयानुसार 17 जून की सुबह चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अस्ताना में दूसरे चीन-मध्य एशिया शिखर सम्मेलन के दौरान क्रमश:किर्गिज़स्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव, ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन,तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति गुरबांगुली बर्दिमुहामेदो और उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव से मुलाकात की।

सदिर जापारोव से मुलाकात करते हुए शी चिनफिंग ने बताया कि 33 साल पहले राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से, चीन-किर्गिज़स्तान संबंधों ने छलांग लगाकर विकास हासिल किया है और वे इतिहास में सबसे अच्छे दौर में हैं। इस साल फरवरी में, हमने पेइचिंग में एक फलदायी वार्ता की और कई महत्वपूर्ण सहमतियों को हासिल किया, जिससे दोनों देशों के बीच सहयोग में नई मज़बूत प्रेरणा मिली। चीन किर्गिज़स्तान के साथ विकास रणनीतियों को और गहरा करने, एक-दूसरे के मूल हितों और प्रमुख चिंताओं से जुड़े मुद्दों पर एक-दूसरे का दृढ़ता से समर्थन करने और दोनों पक्षों के साझा और दीर्घकालिक हितों की रक्षा करने को तैयार है।

सदिर जापारोव ने कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग के उत्कृष्ट नेतृत्व में, चीन समृद्धि और ताकत के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है,और उसने महान विकास उपलब्धियां हासिल की हैं और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर एक महत्वपूर्ण अग्रणी भूमिका निभाई है। किर्गिस्तान चीन के साथ संबंधों के विकास को बहुत महत्व देता है, दोनों पक्षों के बीच आपसी सम्मान, समानता, आपसी लाभ और अच्छे पड़ोसी की रणनीतिक साझेदारी को संजोता है, चीन के मूल हितों से जुड़े मुद्दों पर चीन की स्थिति का दृढ़ता से समर्थन करता है, एक-चीन सिद्धांत का दृढ़ता से पालन करता है, “थाइवान स्वतंत्रता” के सभी रूपों का विरोध करता है, और चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने वाली किसी भी ताकत का विरोध करता है।

इमोमाली रहमोन से मुलाकात में शी चिनफिंग ने बताया कि पिछले साल मेरी ताजिकिस्तान राजकीय यात्रा के दौरान, हमने संयुक्त रूप से चीन और ताजिकिस्तान के बीच नए युग में एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी की स्थापना की घोषणा की, और दोनों देशों के बीच सर्वांगीण सहयोग के लिए नई योजनाएँ और व्यवस्थाएँ बनाईं। दोनों पक्षों को कार्यान्वयन में तेज़ी लानी चाहिए, अधिक व्यावहारिक परिणाम प्राप्त करने चाहिए, और साझा भविष्य वाले चीन-ताजिकिस्तान समुदाय का उच्च गुणवत्ता वाला निर्माण करना चाहिए।

इमोमाली रहमोन ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के मजबूत नेतृत्व में, चीन की अर्थव्यवस्था और समाज ने महत्वपूर्ण विकास उपलब्धियां हासिल की हैं और अंतरराष्ट्रीय मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ताजिकिस्तान चीन के साथ घनिष्ठ उच्च स्तरीय आदान-प्रदान बनाए रखने और रणनीतिक संचार को मजबूत करने, व्यापार, निवेश, कृषि और बुनियादी ढांचे के निर्माण जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने और नई ऊर्जा, हरित उद्योग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करते हुए ताजिकिस्तान के “चीन संस्कृति दिवस” को आयोजित करने, कानून प्रवर्तन और सुरक्षा सहयोग को गहरा करने को तैयार है।

गुरबांगुली बर्दिमुहामेदो से मुलाकात करते हुए शी चिनफिंग ने बताया कि चीन और तुर्कमेनिस्तान के बीच ठोस राजनीतिक आपसी विश्वास, सहयोग करने की दृढ़ इच्छा और अच्छे पूरक लाभ हैं। चीन तुर्कमेनिस्तान के साथ आपसी सम्मान और जीत-जीत सहयोग के आधार पर सहयोग की क्षमता को पूरी तरह से उजागर करने, द्विपक्षीय सहयोग की गहराई, चौड़ाई और पैमाने का व्यापक रूप से विस्तार करने और चीन व तुर्कमेनिस्तान के बीच साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण को बढ़ावा देने को काम करने को तैयार है।  बर्दिमुहामेदो ने कहा कि वे चीन-मध्य एशिया शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मिलकर बहुत प्रसन्न हैं। उनका मानना है कि शिखर सम्मेलन न केवल मध्य एशियाई देशों और चीन के बीच सहयोग को बढ़ावा देगा, बल्कि तुर्कमेनिस्तान और चीन के बीच द्विपक्षीय सहयोग को भी बढ़ावा देगा। तुर्कमेनिस्तान-चीन संबंधों का व्यापक और गहन विकास बहुत रणनीतिक महत्व रखता है।

शौकत मिर्जियोयेव से मुलाकात के दौरान, शी चिनफिंग ने कहा कि चीन उज़्बेकिस्तान के साथ विकास रणनीतियों के संरेखण और राज्य शासन में अनुभव के आदान-प्रदान को मजबूत करने, अधिक आपसी लाभ और उभय जीत वाली सहयोग परियोजनाओं को लागू करने, प्रत्येक देश के विकास में मदद करने, तथा और अधिक सार्थक व गतिशील चीन-उज़्बेकिस्तान साझा भविष्य वाले समुदाय का निर्माण करने के लिए मिलकर काम करने को तैयार है। दोनों पक्षों को चीन-मध्य एशिया तंत्र और शांगहाई सहयोग संगठन जैसे बहुपक्षीय प्लेटफार्मों पर सहयोग को मजबूत करना चाहिए, संयुक्त रूप से अंतरराष्ट्रीय निष्पक्षता और न्याय की रक्षा करनी चाहिए और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक और व्यापार व्यवस्था को बनाए रखना चाहिए।

मिर्जियोयेव ने कहा कि उज़्बेकिस्तान चीन के साथ अपने मैत्रीपूर्ण संबंधों को संजोए रखता है, अपने आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए चीन द्वारा दिए गए दीर्घकालिक निःस्वार्थ समर्थन के लिए उसे धन्यवाद देता है, और एक-चीन सिद्धांत पर अडिग रूप से कायम रहेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शी द्वारा प्रस्तावित तीन प्रमुख वैश्विक पहल बहुत महत्वपूर्ण हैं। उज़्बेकिस्तान उनकी बहुत सराहना करता है और उन्हें गहराई से लागू करने के लिए चीन के साथ काम करने, संयुक्त रूप से संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों को बनाए रखने, अंतर्राष्ट्रीय निष्पक्षता और न्याय की रक्षा करने और विश्व शांति व विकास के प्रगतिशील कार्य को बढ़ावा देने के लिए तैयार है।

मुलाकात में शी चिनफिंग और मिर्जियोयेव ने मध्य पूर्व की वर्तमान स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया। शी चिनफिंग ने कहा कि ईरान के खिलाफ इजरायल की सैन्य कार्रवाई से मध्य पूर्व में तनाव में अचानक वृद्धि हुई है और चीन इस पर बहुत चिंतित है। हम किसी भी ऐसे कृत्य का विरोध करते हैं जो अन्य देशों की संप्रभुता, सुरक्षा और प्रादेशिक अखंडता का उल्लंघन करता है। सैन्य संघर्ष समस्याओं को हल करने का तरीका नहीं है और क्षेत्रीय तनाव का बढ़ना अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामान्य हितों में नहीं है। सभी पक्षों को तनाव को और अधिक बढ़ने से रोकने के लिए जल्द से जल्द संघर्षों को शांत करने को बढ़ावा देना चाहिए। चीन मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता बहाल करने में रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए सभी पक्षों के साथ काम करने को तैयार है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग) 

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