शिनच्यांग उइग़ुर स्वायत्त प्रदेश की स्थापना के 70 वर्ष इस बात का प्रतीक हैं कि कैसे यह प्रदेश गहरे बदलाव से गुज़रकर विकास, स्थिरता और समृद्धि की नई पहचान बना चुका है। सात दशकों में शिनच्यांग ने चीन के पश्चिमी द्वार से बढ़कर अंतरराष्ट्रीय संपर्क, आर्थिक उछाल और सामाजिक एकता की एक अनूठी मिसाल पेश की है।
राजधानी उरुमची अब आधुनिक हाइवे, हाई-स्पीड रेल और चहल-पहल भरे बाज़ारों के साथ एक प्रमुख शहरी केंद्र के रूप में स्थापित है। यहां दुकानों पर उइग़ुर लिपि और मंदारिन दोनों भाषाओं में साइनबोर्ड नज़र आते हैं। शहर की मस्जिदें शहरी परिदृश्य का अभिन्न हिस्सा हैं, और लोग अपने धार्मिक जीवन को शांति और सहजता से जीते दिखाई देते हैं।
पिछले 70 वर्षों में शिनच्यांग की अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक प्रगति दर्ज हुई है।1955 में जहां क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 1.231 अरब युआन था, वहीं 2024 तक यह 2 खरब युआन से अधिक हो चुका है, जो कि यह 203 गुना की वृद्धि है। बेल्ट ऐंड रोड पहल ने शिनच्यांग को यूरेशिया का स्वर्णिम गलियारा बना दिया है, जिसने क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को नई ऊर्जा दी है।
सामाजिक सद्भाव और जातीय एकता शिनच्यांग की सबसे बड़ी ताक़त है। यहां विभिन्न जातीय समूह आपसी सहयोग और भाईचारे के साथ रहते हैं, मानो अनार के दानों की तरह जुड़े हों। शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है, विशेषकर दक्षिणी शिनच्यांग में अब 15 वर्ष की मुफ्त शिक्षा उपलब्ध है। जीवन स्तर में आए इस सकारात्मक बदलाव की गवाही यहां के लोगों के चेहरों की मुस्कान देती है।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शिनच्यांग को लेकर कुछ भ्रम और राजनीतिक बयानबाज़ी देखने को मिलती है। पश्चिमी देशों की कुछ चीन-विरोधी ताक़तें “नरसंहार”, “जबरन श्रम” और “धार्मिक उत्पीड़न” जैसे झूठे आरोप लगाकर दुष्प्रचार फैलाती रही हैं। लेकिन मुस्लिम बहुल देशों सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल हाल के वर्षों में शिनच्यांग का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने यहां के विकास, बुनियादी ढांचे और सामाजिक सौहार्द को देखकर पश्चिमी मीडिया की गढ़ी हुई कहानियों को सिरे से खारिज किया है। शिनच्यांग की उपलब्धियां ही इन आरोपों का सबसे ठोस और प्रत्यक्ष जवाब हैं।
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में शिनच्यांग ने पिछड़ेपन से आधुनिकता, गरीबी से समृद्धि और अलगाव से खुलेपन तक का अद्भुत सफ़र तय किया है। आज यह क्षेत्र न केवल चीन के पश्चिमी विकास का प्रतीक है, बल्कि चीनी राष्ट्र के महान पुनरुत्थान की जीवंत झलक भी प्रस्तुत करता है। 70 वर्षों की यह यात्रा शिनच्यांग को एक और अधिक शांतिपूर्ण और समृद्ध भविष्य की ओर ले जा रही है।
(लेखक: रमेश शर्मा)