Year Ender 2025 : दुनिया अभी भी रूस-यूक्रेन, इजरायल-हमास और कांगो-रवांडा जैसे लंबे संघर्षों से जूझ रही है, लेकिन साल 2025 में कुछ नए युद्धों ने वैश्विक शांति को और भी गंभीर चुनौती दी। ये युद्ध क्षेत्रीय विवाद, आतंकवाद और रणनीतिक महत्वाकांक्षा के चलते शुरू हुए, और अगर समय रहते इन्हें नियंत्रित न किया जाता, तो भारी जनहानि और वैश्विक संकट खड़ा हो सकता था।
1. ईरान-इज़राइल संघर्ष: ट्वेल्व-डे वॉर
जून 2025 में ईरान और इज़राइल के बीच ‘ट्वेल्व-डे वॉर’ नामक युद्ध भड़का। इज़राइल ने ऑपरेशन राइजिंग लायन के तहत ईरान के परमाणु ठिकानों और सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जबकि ईरान ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-III के तहत 550 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और 1,000 से अधिक ड्रोन लॉन्च किए।
इस संघर्ष में 1,200 से अधिक लोग मारे गए, जिनमें ईरान के कई वैज्ञानिक और सैन्य अधिकारी शामिल थे। अमेरिका ने भी ईरान के परमाणु स्थलों पर हमला किया, जिसके बाद युद्ध विराम हुआ। इस झड़प ने मध्य पूर्व की रणनीति और वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित किया।
2. भारत-पाकिस्तान युद्ध: ऑपरेशन सिंदूर
मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच नया युद्ध शुरू हुआ। यह संघर्ष जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भड़क उठा, जिसमें 26 पर्यटक मारे गए थे। भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और PoK में आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया।
पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की, लेकिन भारतीय सेना ने सभी ड्रोन और मिसाइल हमलों को नाकाम कर दिया। बाद में भारत ने ब्रह्मोस मिसाइलों से पाकिस्तान के 11 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस झड़प में कम से कम 50 पाकिस्तानी सैनिक और 40 नागरिक मारे गए। अंततः 10 मई को युद्ध विराम हुआ।
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3. कंबोडिया-थाईलैंड सीमा संघर्ष
जुलाई 2025 में थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद ने भी सशस्त्र संघर्ष का रूप ले लिया। 23 जुलाई को लैंडमाइन विस्फोट से थाई सैनिक घायल हुए, जिसके बाद कंबोडिया ने रॉकेट हमले किए। थाईलैंड ने जवाबी कार्रवाई में F-16 से एयरस्ट्राइक और ग्राउंड ऑपरेशन युत्था बोदिन चलाया।
इस संघर्ष में दोनों देशों में कई दर्जन सैनिक और नागरिक मारे गए, और 2 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए। अमेरिकी और ASEAN मध्यस्थता से संघर्ष रोक पाया गया, लेकिन विवाद अभी भी अनसुलझा है।