जम्मू कश्मीर डेस्कः राजौरी और पुंछ जिलों के 5 लोगों की कुवैत में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों और राजनीतिक नेताओं की ओर से सरकार से मृतकों के शवों को वापस लाने की मांग तेजी से बढ़ रही है।
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ये सभी छह पीड़ित आपस में रिश्तेदार थे और पिछले एक से तीन साल से कुवैत में काम कर रहे थे। उनके परिवारों को शवों को वापस लाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी नहीं है, इसलिए उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में दखल देने की गुज़ारिश की है।
मृतकों की पहचान
मृतकों में से 5 लोग पुंछ के सुरनकोट के रहने वाले थे, जबकि एक राजौरी जिले के थानामंडी का था। रिपोर्टों के अनुसार, 8 अप्रैल को जब ये पीड़ित काम से लौट रहे थे, तभी कुवैत सिटी के पास साद अब्दुल्ला शहर में उनकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बताया जा रहा है कि उनकी गाड़ी की टक्कर दूसरी गाड़ी से हुई, जिसके बाद गाड़ी में आग लग गई और उनके शव बुरी तरह जल गए।
पीड़ितों में से चार लोग सुरनकोट के बाचियां वाली गली गांव के थे, एक पुंछ के शीनधारा गांव का और एक राजौरी के थानामंडी स्थित दारा गांव का था। मृतकों की पहचान फरीद अहमद, सरफराज अहमद, मोहम्मद खालिद, मुख्तार अहमद और मुमताज राशिद के रूप में हुई है।
परिवारों ने स्थानीय अधिकारियों से किया संपर्कः अधिकारी
पुंछ प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि परिवारों ने स्थानीय अधिकारियों से संपर्क किया है और विदेश मंत्रालय से इस मामले में दखल देकर शवों को वापस लाने में मदद करने की गुजारिश की है।
Four young men from Rajouri have died in a tragic car accident in Kuwait while another remains critically injured. Urgently request @DrSJaishankar @MEAIndia to kindly help repatriate the mortal remains of Fareed Ahmed, Sarfaraz Ahmed &Mohd Khalid & Mukhtar Ahmed. pic.twitter.com/zokmmoD0CI
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) April 9, 2026
महबूबा मुफ्ती ने विदेश मंत्रालय से की अपील
PDP अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी विदेश मंत्रालय (MEA) से मृतकों के शवों को वापस लाने में मदद करने की अपील की है। गुरुवार को ‘X’ (ट्विटर) पर एक पोस्ट में उन्होंने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की।
बाचियां वाली गली के एक स्थानीय निवासी शाहिद ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से शवों को वापस लाने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब मृतकों की मौत की खबर उनके घरों तक पहुंची, तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। ये पीड़ित अपने परिवारों के लिए रोज़ी-रोटी कमाने के लिए विदेश गए थे। अब सरकार को उनके शवों को वापस लाने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए।
रिपोर्टों के अनुसार, शवों को कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए कुवैत सिटी अस्पताल में रखा गया है। यह भी बताया गया है कि कुवैत में रहने वाले जम्मू-कश्मीर के अन्य कामगार, शवों को भारत वापस भेजने में मदद के लिए चंदा इकट्ठा कर रहे हैं।
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