Amarnath Yatra 2026: जम्मू-कश्मीर की विश्व प्रसिद्ध श्री अमरनाथ यात्रा गुरुवार से औपचारिक रूप से शुरू हो गई। यात्रा के पहले दिन जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से श्रद्धालुओं का पहला जत्था कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रीनगर के लिए रवाना किया गया। इस दौरान पूरा परिसर ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा। देश के अलग-अलग राज्यों से आए श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सुबह करीब 5 बजे श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और अधिकारी मौजूद रहे। सुरक्षा के बीच रवाना हुआ यह जत्था शाम तक श्रीनगर पहुंचेगा।
इस बार यात्रा में बड़ी संख्या में ऐसे श्रद्धालु शामिल हैं, जो पहली बार बाबा बर्फानी के दर्शन करने जा रहे हैं। खासकर राजस्थान सहित कई राज्यों से आए युवाओं में यात्रा को लेकर काफी उत्साह देखा गया।श्रद्धालुओं का कहना है कि वे पूरे साल इस पल का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही यात्रा के लिए पंजीकरण शुरू हुआ, उन्होंने तुरंत अपना रजिस्ट्रेशन कराया ताकि पहले ही दिन बाबा अमरनाथ के पवित्र हिम शिवलिंग के दर्शन का अवसर मिल सके। पहली ही यात्रा में पहले दिन दर्शन करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
सुरक्षा व्यवस्था पर जताया भरोसा
पहली बार यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं ने कहा कि उन्हें किसी तरह का डर नहीं है। उनका मानना है कि बाबा का आशीर्वाद और सुरक्षा बलों की मजबूत व्यवस्था उन्हें सुरक्षित यात्रा का भरोसा देती है। श्रद्धालुओं ने कहा कि वे पूरे विश्वास और श्रद्धा के साथ बाबा के दर्शन के लिए जा रहे हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करेंगे।
70 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात
यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए इस बार व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। केंद्र सरकार ने 70 हजार से अधिक अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर पुलिस, बीएसएफ, सेना और सीआरपीएफ के जवान भी पूरे यात्रा मार्ग पर सुरक्षा संभाल रहे हैं। श्रद्धालुओं के काफिले के साथ सीआरपीएफ और विशेष कमांडो दस्ते भी मौजूद हैं। जम्मू से श्रीनगर तक करीब 300 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग पर पूरे काफिले को सुरक्षा घेरे में ले जाया जाता है।
शुक्रवार से शुरू होगी पवित्र गुफा की चढ़ाई
श्रीनगर पहुंचने के बाद श्रद्धालु बालटाल और पहलगाम बेस कैंप के लिए रवाना होंगे। वहां से शुक्रवार सुबह पवित्र अमरनाथ गुफा की यात्रा शुरू होगी, जहां श्रद्धालु प्राकृतिक रूप से बने हिम शिवलिंग के दर्शन करेंगे। यात्रा के दौरान सुरक्षा कारणों से जब श्रद्धालुओं का काफिला राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरता है, तब अन्य वाहनों की आवाजाही कुछ समय के लिए रोक दी जाती है, ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से पूरी हो सके।
यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क
इस बार प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य सुविधाओं और आपदा प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न विभागों की टीमें तैनात हैं।
बीजेपी ने जताई रिकॉर्ड यात्रा की उम्मीद
बीजेपी नेता सुनील शर्मा ने दावा किया कि इस बार अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों के रिकॉर्ड को पार कर सकती है। श्रद्धालुओं में आस्था और उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से लोगों का भरोसा बढ़ा है और वे बिना किसी डर के बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। अमरनाथ यात्रा जम्मू-कश्मीर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान है। हालांकि यात्रा के दौरान मौसम, कठिन पहाड़ी रास्ते और सुरक्षा जैसी चुनौतियां हमेशा बनी रहती हैं, लेकिन प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इनसे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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