Site icon Dainik Savera Times

Amarnath Yatra : अमरनाथ यात्रा के 5 दिन बाद ओझल हुए बाबा बर्फानी, जानिए ऐसा क्यों हुआ?

Amarnath Yatra 2025

Amarnath Yatra 2025

श्री अमरनाथ यात्रा में तीर्थयात्रियों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है, जिसने पिछले 4 दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। हालांकि, भक्तों की भारी भीड़ और पर्यावरण में बदलाव, ज्यादा भीड़ और ग्लोबल वार्मिंग को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, पवित्र अमरनाथ गुफा से ‘बाबा बर्फानी’ की पूजनीय प्राकृतिक बर्फ की आकृति गायब हो गई है।

ये भी पढे़ं :-

प्राकृतिक रूप से बनी बर्फ की शिवलिंग के गायब होने के बावजूद, भक्तों की आस्था अटूट बनी हुई है। हजारों तीर्थयात्री भगवान शिव के प्रति अपनी भक्ति और इस विश्वास के साथ कि तीर्थयात्रा का आध्यात्मिक महत्व बना हुआ है, इस मुश्किल यात्रा को जारी रखे हुए हैं। इस साल की तीर्थयात्रा के पहले हफ्ते में, जो 3 जुलाई को शुरू हुई थी, लगभग 1 लाख भक्तों को पवित्र बर्फ की शिवलिंग के दर्शन करने का मौका मिला। हालांकि, प्राकृतिक आकृति अब पिघल गई है और सिर्फ पांच दिनों के बाद ही गायब हो गई।

पिछले साल बाबा बर्फानी लगभग सात दिनों तक दिखाई दिए थे, लेकिन इस साल उनके जल्दी गायब होने से कई लौटने वाले तीर्थयात्री निराश हुए हैं। कई भक्तों ने इसके तेज़ी से पिघलने के लिए गुफा क्षेत्र के आसपास बढ़ते प्रदूषण, भारी भीड़ का दबाव, VIP मूवमेंट की चुनौतियाँ और जलवायु परिवर्तन के व्यापक असर जैसे कारणों को ज़िम्मेदार ठहराया है। गुफा से लौट रहे तीर्थयात्रियों ने चिंता जताई कि आने वाले दिनों में पहुंचने वाले लोग शायद प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन न कर पाएं। हालांकि उनकी आध्यात्मिक यात्रा और भक्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

इस साल अमरनाथ यात्रा में शामिल होने वाले भक्तों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है और हर दिन हजारों लोग कश्मीर पहुंच रहे हैं। बड़ी संख्या में तीर्थयात्री बिना पहले से रजिस्ट्रेशन कराए पहुंच रहे हैं, जिससे रजिस्ट्रेशन काउंटरों पर लंबी लाइनें लग रही हैं और उन लोगों के लिए भी मुश्किलें पैदा हो रही हैं जिन्होंने ज़रूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और अपने RFID कार्ड लेने का इंतजार कर रहे हैं। भारी भीड़ ने प्रशासन और श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के लिए लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा की बड़ी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। तीर्थयात्रा के पहले पांच दिनों में ही लगभग एक लाख भक्त दर्शन कर चुके थे।

इसकी तुलना में, पिछले साल पहले चार दिनों में लगभग 55,000 तीर्थयात्रियों ने यात्रा की थी, जबकि इस साल इसी अवधि में यह संख्या बढ़कर लगभग 86,000 हो गई है, जिससे अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहना पड़ रहा है। अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों के लिए उपाय बढ़ाए और एडवाइज़री जारी की। भीड़ बढ़ने के कारण श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने एक एडवाइजरी जारी की है जिसमें श्रद्धालुओं से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रियाओं और तीर्थयात्रा से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।

जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने बिना रजिस्ट्रेशन वाले तीर्थयात्रियों से धैर्य रखने और अपनी तय बारी का इंतज़ार करने की अपील की। ​​उन्होंने फिर से कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, पहलगाम-चंदनवाड़ी और बालटाल दोनों रास्तों से जाने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या तय है और इसे तय सीमा से ज़्यादा नहीं बढ़ाया जा सकता। सिन्हा ने श्रद्धालुओं से अधिकारियों का सहयोग करने की अपील की और कहा कि सभी विभागों के अधिकारी तीर्थयात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

ये भी पढे़ं :-

Exit mobile version