जम्मू-कश्मीर डेस्कः प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग की गोंडोला सेवा 25 जून से फिर से प्रारंभ होने जा रही है। करीब एक महीने तक बंद रहने के बाद सेवा बहाल होने से पर्यटकों के साथ-साथ पर्यटन पर निर्भर स्थानीय लोगों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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गौरतलब है कि 25 मई को तकनीकी खराबी के कारण गंडोला सेवा को बंद कर दिया गया था। खराबी के चलते 300 से अधिक पर्यटक बीच हवा में फंस गए थे, जिसके बाद केबल कार निगम, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने संयुक्त रूप से बड़ा रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला था। गंडोला सेवा बंद रहने का असर गुलमर्ग के पर्यटन कारोबार पर भी पड़ा। इससे स्थानीय गाइड, घोड़ा संचालक, फोटोग्राफर, होटल व्यवसायी और पर्यटन से जुड़े अन्य लोगों की आय प्रभावित हुई।
फंसे पर्यटकों को बाहर निकालने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था और सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। इसके बाद से ही तकनीकी खामी को दूर करने का काम शुरू किया गया था। अधिकारियों के अनुसार तकनीकी विशेषज्ञों ने खराबी को पूरी तरह दूर कर लिया है और सभी सुरक्षा मानकों की जांच के बाद सेवा को दोबारा शुरू करने की अनुमति दी गई है। उन्होंने बताया कि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सभी इंतजाम किए गए हैं।
गंडोला सेवा के दोबारा शुरू होने से गुलमर्ग में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। गुलमर्ग रोपवे दुनिया के सबसे ऊंचे और लंबे केबल कार सिस्टम में से एक है। इसमें कुल 108 केबिन हैं और एक केबिन में 6 लोग बैठ सकते हैं। यहां हर साल गर्मियों के दिनों में भारी संख्या में पर्यटक छुट्टी बिताने के लिए पहुंचते हैं। गुलमर्ग गोंडोला सेवा का लाभ उठाते हुए पर्यटक बर्फीली चोटियों के खूबसूरत दृश्यों को देखते हैं।
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