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J&K Budget 2026: आर्टिकल 370 के बाद दूसरा बजट हुआ पेश, निवेश और रोजगार पर सरकार का फोकस

Jammu Kashmir Budget 2026

Jammu Kashmir Budget 2026

Jammu Kashmir Budget 2026: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। यह अनुच्छेद 370 हटने के बाद उनकी सरकार का दूसरा बजट है, जिसमें आर्थिक मजबूती, रोजगार सृजन और सामाजिक कल्याण को केंद्र में रखा गया है। सरकार ने इसे “आधुनिक और आत्मनिर्भर जम्मू-कश्मीर” की दिशा में अहम कदम बताया है।

MSME आयुष और मेडिकल शिक्षा में निवेश, नए सांस्कृतिक केंद्रों और अस्पतालों का निर्माण

बजट में MSMEs के लिए एक नया फ्रेमवर्क, आयुर्वेद, योग और यूनानी सुविधाओं का विस्तार, और नए सांस्कृतिक केंद्र और दो आयुष अस्पताल बनाने की योजनाएं शामिल हैं। मेडिकल शिक्षा पर भी खास ज़ोर दिया गया है।

रोजगार और युवाओं के लिए बड़े ऐलान

बजट में युवाओं को राहत देते हुए सरकार ने 2,300 से अधिक रिक्त पदों पर फास्ट-ट्रैक नियुक्तियों की घोषणा की है। इसके अलावा करीब 23,000 सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। डेवलपमेंट वर्कर्स और आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी का भी प्रावधान किया गया है।

छात्रों के लिए कोचिंग, स्किल डेवलपमेंट और प्लेसमेंट सहायता योजनाओं को मजबूत किया जाएगा, जबकि ‘मिशन युवा’ योजना के तहत अतिरिक्त फंड उपलब्ध कराया जाएगा।

गरीबों, बेघरों और प्रवासी परिवारों पर खास ध्यान

सरकार ने गरीब और बेघर परिवारों के लिए बड़े पैमाने पर आवास योजनाओं का ऐलान किया है। बजट के अनुसार 40,000 नए घर बनाए जाएंगे और लगभग 3 लाख बेघर परिवारों को आवास सुविधा दी जाएगी।

प्रवासी परिवारों के लिए 2026 तक 1,200 मकान पूरे करने और कुल 6,000 मकानों के निर्माण के लक्ष्य को दोहराया गया है। मजदूरों के लिए सराय और 10 नए आदिवासी हॉस्टल भी बनाए जाएंगे।

कृषि और डेयरी सेक्टर को नई ताकत

कृषि क्षेत्र के लिए 1,800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। डेयरी विकास को बढ़ावा देने के लिए 7 नई मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जाएंगी, जिससे करीब 11 लाख किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। माइक्रो इरीगेशन उपकरणों की खरीद पर किसानों को 25% अनुदान दिया जाएगा, जिससे खेती की लागत घटेगी और उत्पादन बढ़ेगा।

पर्यटन, खेल और संस्कृति को बढ़ावा

पर्यटन और खेल को आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन मानते हुए सरकार ने इस क्षेत्र में कई नई पहल की हैं। राज्य में 200 इलेक्ट्रिक बसें, 50 ई-ट्रक और वाटर स्पोर्ट्स सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 155 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही 2026-27 में अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के आयोजन की भी घोषणा की गई है, जिससे पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा मिलेगा।

शिक्षा और स्वास्थ्य में निवेश

शिक्षा के क्षेत्र में 257 करोड़ रुपये की लागत से नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी खोलने का प्रस्ताव रखा गया है। 554 स्कूलों में छात्रों को व्यावसायिक और रोजगार-उन्मुख कौशल सिखाने की योजना लागू होगी, जिसके लिए 594 नए शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।

स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए मोबाइल अस्पतालों की संख्या बढ़ाई जाएगी। साथ ही, मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने, कैंसर उपचार सुविधाओं और उन्नत जांच मशीनों के विस्तार का भी ऐलान किया गया है।

महिलाओं, आपदा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे पर जोर

महिलाओं के लिए ई-बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा जारी रहेगी। बाढ़ पीड़ितों के लिए वित्तीय सहायता और आपदा प्रबंधन के लिए एक मेगा प्लान तैयार किया जाएगा।
बुनियादी ढांचे के तहत 19 नए हाईवे प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे, जिससे कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

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11% विकास दर का लक्ष्य

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस बजट के जरिए सरकार ने 11 प्रतिशत आर्थिक विकास दर हासिल करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार के सहयोग से वित्तीय चुनौतियों का समाधान करते हुए जम्मू-कश्मीर को निवेश, नवाचार और रोजगार का केंद्र बनाया जाएगा। सरकार के अनुसार, यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश के हर वर्ग के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की ठोस रूपरेखा है।

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