Last Updated: October 13, 2026

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एलजी कविंदर गुप्ता बोले- लद्दाख हिंसा बर्दाश्त नहीं कर सकता, माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

October 4, 2025

एलजी कविंदर गुप्ता बोले- लद्दाख हिंसा बर्दाश्त नहीं कर सकता, माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

जम्मू: उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता (LG Kavinder Gupta) ने कहा कि पाकिस्तान और चीन से घिरा लद्दाख हिंसा बर्दाश्त नहीं कर सकता, लेकिन कुछ लोग केंद्र शासित प्रदेश में माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं और उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा की मजिस्ट्रेट जाँच शुरू कर दी गई है, जिसमें चार लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे। उन्होंने शहर में तेजी से सुधरते हालात पर भी संतोष जताया, जहां अधिकारियों ने कई दिनों की संक्षिप्त ढील के बाद गुरुवार को पूरे दिन के लिए कर्फ्यू में ढील दी। एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कविंदर गुप्ता ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लद्दाख में लागू है, जो 24 सितंबर की घटनाओं की पुनरावृत्ति से बचने के लिए लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाती है।

उपराज्यपाल ने कहा स्थिति लगभग सामान्य है, सभी दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले हैं और आज (शुक्रवार) चौथे दिन भी कार्यालय सुचारू रूप से काम कर रहे हैं। कक्षा 8 तक के स्कूल भी (शुक्रवार को) खुल गए हैं और व्यावसायिक वाहन चल रहे हैं। कुल मिलाकर स्थिति सामान्य है और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि कुछ लोग माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जो कि फेक वीडियो के प्रसार से स्पष्ट है और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कई लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने अपने बयानों और भाषणों के जरिए भीड़ की हिंसा भड़काई। निदोर्षों को न्याय और दोषियों को सजा का प्रावधान होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। गुरुवार को दो दिवसीय यात्रा पर यहां पहुंचे गुप्ता ने कहा कि लद्दाख ऐसा क्षेत्र है जिसकी सीमा पाकिस्तान और चीन दोनों से लगती है। उन्होंने कहा निश्चित रूप से, यहां राष्ट्र-विरोधी तत्व मौजूद हैं और हम लद्दाख में 24 सितंबर जैसी हिंसा बर्दाश्त नहीं कर सकते। हमारी प्राथमिकता देश की एकता और अखंडता को बनाए रखना है और हम जानते हैं कि लद्दाख के लोग शांतिप्रिय और राष्ट्रवादी हैं। लद्दाख पर्यटन पैकेज हिंसा की न्यायिक जांच की बढ़ती मांग पर गुप्ता ने कहा कि मजिस्ट्रेट जांच के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं और किसी के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा। अगर समय पर कार्रवाई न होती, तो वे (भीड़) सब कुछ जला देते। हमें चार लोगों की मौत का बहुत दुख है, जो हमारे अपने बच्चों जैसे थे। मेरी संवेदनाएँ शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।

उन्होंने कहा मृतकों में एक पूर्व सैनिक भी शामिल है, जो एक सेवानिवृत्त सैनिक का बेटा था और जिसके बच्चे आर्मी स्कूल में पढ़ रहे हैं। ये दुखद घटनाएँ हैं, वे (हिंसा में) शामिल थे या नहीं, यह गौण प्रश्न है, लेकिन भीड़ ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी कि जवाबी कार्रवाई जरूरी हो गई। उपराज्यपाल ने लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) से केंद्र के साथ बातचीत फिर से शुरू करने की अपनी अपील दोहराई। उन्होंने कहा बातचीत से रास्ते खुलते हैं। अगर हम साथ बैठेंगे तो सब कुछ सुलझ जाएगा। संविधान की छठी अनुसूची के तहत लद्दाख को राज्य का दर्जा और सुरक्षा प्रदान करने सहित अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन कर रहे दो प्रभावशाली समूहों, एलएबी और केडीए, ने चार लोगों की हत्या की न्यायिक जांच के आदेश दिए जाने और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक सहित हिरासत में लिए गए सभी लोगों की रिहाई होने तक 6 अक्टूबर को केंद्र के साथ होने वाली वार्ता से दूर रहने का फैसला किया है।

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