Last Updated: October 10, 2026

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J&K: CM उमर अब्दुल्ला ने वॉल्यूम-ड्रिवन से वैल्यू-बेस्ड टूरिज्म की ओर बदलाव का किया आह्वान

July 11, 2026

J&K: CM उमर अब्दुल्ला ने वॉल्यूम-ड्रिवन से वैल्यू-बेस्ड टूरिज्म की ओर बदलाव का किया आह्वान

जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वॉल्यूम-ड्रिवन से वैल्यू-बेस्ड टूरिज्म की ओर बदलाव की अपील की। सीएम ने कहा कि जम्मू कश्मीर को एक सस्टेनेबल टूरिज्म डेस्टिनेशन के तौर पर डेवलप करने की जरूरत है।    

शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित सस्टेनेबल टूरिज्म कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि “सस्टेनेबिलिटी के बिना पर्यटन एक विनाशकारी मॉडल बन जाता है।” उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश को यह तय करना होगा कि वह केवल अधिक पर्यटकों पर आधारित पर्यटन मॉडल अपनाना चाहता है या फिर कम पर्यटकों से अधिक मूल्य सृजित करने वाली पर्यटन अर्थव्यवस्था विकसित करना चाहता है। मुख्यमंत्री ने कहा, “हमें यह तय करना होगा कि 100 पर्यटकों से एक-एक रुपये कमाने हैं या एक पर्यटक से 100 रुपये। इसी सोच के आधार पर मास्टर प्लान और पर्यटन नीति तैयार होनी चाहिए।” 

एक घटना से ठप हो गया था पर्यटन

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि दशकों की अशांति के कारण जम्मू-कश्मीर लंबे समय तक केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाने पर निर्भर रहा। हालांकि अब समय आ गया है कि सिर्फ फुटफॉल नहीं, बल्कि टिकाऊ पर्यटन पर ध्यान दिया जाए। पिछले वर्ष हुई एक सुरक्षा घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस एक घटना के बाद पूरा पर्यटन उद्योग प्रभावित हो गया। इसलिए भविष्य को ध्यान में रखते हुए सस्टेनेबल टूरिज्म की योजना बनाना बेहद जरूरी है।

व्यापक योजना बनाने पर दिया जोर

मुख्यमंत्री ने ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग, कचरा निपटान, पानी की कमी और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर अनियंत्रित निर्माण जैसी समस्याओं के समाधान के लिए व्यापक और दीर्घकालिक योजना बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि हाल ही में लागू ऑड-ईवन ट्रैफिक व्यवस्था हितधारकों से पर्याप्त चर्चा किए बिना लागू की गई, जिससे लोगों को असुविधा हुई। ऐसी नीतियों से बचना चाहिए।

पर्यटन स्थलों को घर जैसा रखें साफ

उमर अब्दुल्ला ने लोगों से अपील की कि वे गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग और डल झील जैसे पर्यटन स्थलों को अपने घर की तरह साफ-सुथरा रखें। उन्होंने कचरा प्रबंधन को मजबूत करने और पानी की बढ़ती कमी पर गंभीरता से काम करने की जरूरत बताई। साथ ही कहा कि मास्टर प्लान तभी प्रभावी होंगे, जब उनका निष्पक्ष और समान रूप से पालन कराया जाएगा। उन्होंने स्थानीय समुदायों की भागीदारी के साथ पर्यटन नीतियां तैयार करने पर भी जोर दिया।

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