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जम्मू-कश्मीर में नशे के खिलाफ अभियान तेज, 1.20 करोड़ लोगों तक पहुंची जागरूकता

श्रीनगरः सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, केंद्र सरकार के सहयोग से चलाए जा रहे नशा-विरोधी अभियान के तहत जम्मू-कश्मीर में 1.20 करोड़ से ज़्यादा लोगों तक जागरूकता कार्यक्रम पहुंचाए गए हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि यह अभियान जागरूकता और आउटरीच कार्यक्रमों के जरिए केंद्र शासित प्रदेश में 69.14 लाख से ज़्यादा युवाओं और 51.20 लाख महिलाओं तक पहुंचा है। इसमें यह भी बताया गया है कि जम्मू-कश्मीर में 8,565 स्वयंसेवक इस अभियान से जुड़े हैं।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश में अभी नशा करने वालों के लिए एक इंटीग्रेटेड रिहैबिलिटेशन सेंटर (IRCA), तीन आउटरीच और ड्रॉप-इन सेंटर, दो कम्युनिटी-बेस्ड पीयर-लेड इंटरवेंशन प्रोग्राम, छह ज़िला नशा-मुक्ति केंद्र और सरकारी अस्पतालों में 21 नशा-इलाज केंद्र काम कर रहे हैं। मंत्रालय ने कहा कि ‘नेशनल एक्शन प्लान फॉर ड्रग डिमांड रिडक्शन’ (NAPDDR) के तहत केंद्र शासित प्रदेशों, राज्य सरकारों, गैर-सरकारी संगठनों और सरकारी अस्पतालों को रोकथाम के लिए शिक्षा, जागरूकता बढ़ाने, इलाज, पुनर्वास और क्षमता-निर्माण के लिए आर्थिक मदद दी जा रही है।

आधिकारिक आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि 2024-25 के दौरान जम्मू-कश्मीर में 5,851 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 84.89 लाख से ज़्यादा लोग शामिल हुए। मौजूदा वित्त वर्ष में अब तक 6,346 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनसे 6.24 लाख से ज़्यादा लोग जुड़े हैं। आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि इस साल 28,366 लोगों का इलाज और पुनर्वास किया गया है, जबकि नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोप में 2,500 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

ये ताजा आंकड़े ऐसे समय में आए हैं जब जम्मू-कश्मीर नशीले पदार्थों के दुरुपयोग की समस्या से जूझ रहा है। अधिकारी, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और नागरिक समाज के संगठन लगातार मज़बूत रोकथाम के उपाय, बेहतर पुनर्वास सेवाएं और लगातार जन-जागरूकता की मांग कर रहे हैं ताकि नशीले पदार्थों के दुरुपयोग, खासकर युवाओं के बीच, की समस्या से निपटा जा सके।

📍 Location: Srinagar (Srinagar)

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