श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर विधानसभा में मंगलवार को राज्य का पूर्ण दर्जा बहाल करने संबंधी प्रस्ताव को लेकर सत्ता पक्ष और भाजपा विधायकों के बीच तीखी बहस हुई। विरोध के बीच भाजपा सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया। विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर को हटाने की भाजपा की मांग दोहराई। भाजपा ने प्रस्ताव में वर्ष 2000 के स्वायत्तता संबंधी प्रस्ताव के संदर्भ पर आपत्ति जताते हुए अध्यक्ष द्वारा इस प्रस्ताव को चर्चा के लिए आगे बढ़ाने के फैसले पर सवाल उठाया।
हंगामे के दौरान अध्यक्ष राथर ने कहा कि उन्हें अपनी भूमिका और जिम्मेदारी का पता है तथा सदन में अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। इसके बाद भाजपा विधायक सदन से बाहर चले गए। भाजपा का कहना है कि वह जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने के पक्ष में है, लेकिन प्रस्ताव में वर्ष 2000 के स्वायत्तता प्रस्ताव और अन्य संदर्भों को शामिल किए जाने पर उसकी आपत्ति है।
दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने प्रस्ताव का बचाव करते हुए कहा कि विधानसभा जम्मू-कश्मीर के लोगों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है और राज्य का दर्जा बहाल करना क्षेत्र में उठ रही मांग है। राज्य का दर्जा बहाली संबंधी प्रस्ताव सोमवार को विधानसभा में पारित किया गया था, जिसके बाद मंगलवार को भी इस मुद्दे पर सदन में राजनीतिक टकराव जारी रहा।

