
इंटरनेशनल डेस्क : ईरान और इजरायल के बीच जारी मिसाइल हमलों और युद्ध जैसी स्थिति का असर अब भारत तक भी पहुंच गया है। मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़ने के बाद वहां का एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया, जिसका सीधा असर भारत से उड़ने और भारत आने वाली फ्लाइट्स पर पड़ा है। खासतौर से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इसका बड़ा प्रभाव देखा गया। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
दिल्ली एयरपोर्ट से 48 फ्लाइट्स रद्द
आपको बता दें कि दिल्ली एयरपोर्ट से मंगलवार को कुल 48 फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं। इनमें से 28 फ्लाइट्स दिल्ली आने वाली थीं और 20 फ्लाइट्स दिल्ली से रवाना होने वाली थीं। सबसे ज़्यादा प्रभावित होने वाली एयरलाइनों में एयर इंडिया और इंडिगो रहीं।
-Air India ने अपनी 17 फ्लाइट्स कैंसिल कीं।
-Indigo ने 8 उड़ानें रद्द कीं।
-अन्य एयरलाइनों ने भी 3 से ज़्यादा फ्लाइट्स स्थगित कीं। इनमें कुछ विमान ऐसे थे जो सीधे मिडिल ईस्ट या उससे होकर गुजरने वाले रूट से जुड़े थे।
Travel Advisory
As airports across the Middle East gradually reopen, we are prudently and progressively resuming operations on these routes.
We continue to monitor the situation closely and are fully considering the safest available flight paths to ensure secure and seamless…
— IndiGo (@IndiGo6E) June 24, 2025
Indigo ने फिर शुरू की उड़ानें
हालांकि स्थिति में थोड़ा सुधार होते ही इंडिगो एयरलाइन ने कुछ राहत दी है। जैसे ही मिडिल ईस्ट के कुछ एयरपोर्ट और एयरस्पेस फिर से खुले, इंडिगो ने क्रमिक रूप से उड़ानों का संचालन शुरू कर दिया। एयरलाइन ने बयान जारी करते हुए कहा कि वे इस संवेदनशील स्थिति में पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। उड़ानों को सबसे सुरक्षित रूट से भेजने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और निर्बाध यात्रा का अनुभव मिले। इंडिगो ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपने फ्लाइट स्टेटस के लिए एयरलाइन की मोबाइल ऐप या वेबसाइट पर लगातार अपडेट चेक करते रहें।
स्पाइसजेट और अकासा ने भी जताई चिंता
इंडिगो के अलावा स्पाइसजेट ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि मिडिल ईस्ट के एयरस्पेस बंद होने से उनकी कुछ उड़ानों पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि जरूरी बदलाव यात्रियों को पहले से सूचित किया जाएगा। इसके साथ ही अकासा एयरलाइन ने भी अपने बयान में कहा कि मिडिल ईस्ट की वर्तमान स्थिति के कारण इस क्षेत्र में उनकी उड़ानों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने यात्रियों को सलाह दी कि फ्लाइट से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए वेबसाइट या कस्टमर केयर से संपर्क करते रहें।
#TravelUpdate: Due to airspace closure in the Middle East, some of our flights may be affected. Passengers are advised to check their flight status at https://t.co/2wynECZugy or contact our 24*7 Reservation Helpline numbers at +91 (0)124 4983410 or +91 (0)124 7101600 for…
— SpiceJet (@flyspicejet) June 23, 2025
यात्रियों को क्या करना चाहिए ?
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे ज्यादा असुविधा उन यात्रियों को हुई जो उड़ानों के लिए एयरपोर्ट पहुंच चुके थे या किसी जरूरी सफर की योजना बना रहे थे। एयरलाइनों ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे यात्रा से पहले अपने फ्लाइट स्टेटस की पुष्टि जरूर करें और फ्लाइट कैंसिल होने की स्थिति में रिफंड या रीबुकिंग के विकल्पों के बारे में जानकारी लें।
ईरान-इजरायल के बीच जारी तनाव सिर्फ सैन्य और राजनीतिक स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और आम यात्रियों पर भी दिखने लगा है। भारत जैसे देश, जो मिडिल ईस्ट से कई मार्गों के ज़रिए जुड़ा है, वहां भी इसका असर सीधा महसूस किया जा रहा है। जब तक मिडिल ईस्ट में स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं होती, तब तक इस तरह की उड़ानों में देरी, रद्दीकरण और रूट बदलाव जैसी समस्याएं बनी रह सकती हैं।