
नेशनल डेस्क : वक्फ (Waqf) कानून को लेकर देशभर में बहस छिड़ी हुई है। केंद्र सरकार ने वक्फ संशोधन बिल 2025 को संसद से पास करवा लिया है और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बन चुका है। इस बिल के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) और अन्य मुस्लिम संगठनों ने ज़ोरदार विरोध शुरू कर दिया है। इसके साथ ही आज से ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बॉर्ड वक्फ कानून के खिलाफ एक मुहिम चलाने जा रहा है। जो आने वाले 7 जुलाई तक चलेगा। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
AIMPLB की “वक्फ बचाओ मुहिम”…
AIMPLB ने वक्फ कानून के खिलाफ 10 अप्रैल से लेकर 7 जुलाई तक देशव्यापी अभियान चलाने का ऐलान किया है।
10 अप्रैल से 7 मई तक विरोध का पहला चरण…
जमीयत-उलेमा-ए-हिंद भी मैदान में
कोलकाता में जमीयत-उलेमा-ए-हिंद भी कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। यह आंदोलन ममता सरकार के मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी के नेतृत्व में हो रहा है। AIMPLB की महिला विंग भी इस अभियान में सक्रिय रहेगी। विभिन्न शहरों में कार्यक्रम और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
“धन्यवाद मोदी” बीजेपी का समर्थन अभियान
वक्फ कानून के समर्थन में अब बीजेपी भी मैदान में उतर आई है।
अन्य दलों ने दी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं…
CM ममता बनर्जी
वक्फ कानून को लेकर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि वह बंगाल में वक्फ एक्ट लागू नहीं होने देने का वादा। इसके साथ ही उन्होंने मुसलमानों से कहा – “डरने की ज़रूरत नहीं।” मैं आपके साथ खड़ी हूं।
राहुल गांधी
वहीं कांग्रेस सांसद और लोकसभा के नेताप्रतिपक्ष राहुल गांधी अहमदाबाद में बोले – “वक्फ के बाद अब बीजेपी की नजर चर्च और गुरुद्वारों पर।”
उमर अब्दुल्ला
इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने कहा – “कश्मीर में लोग नाराज़ हैं। पार्टी सुप्रीम कोर्ट तक जाएगी।”
कैसे पास हुआ वक्फ संशोधन विधेयक 2025
अब क्या होगा आगे?
अब जब कानून पास हो चुका है, तो एक ओर विपक्ष और मुस्लिम संगठनों का विरोध है, वहीं दूसरी ओर बीजेपी इसे “जनहित में” बताकर समर्थन जुटा रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि वक्फ कानून को लेकर जनता किस पक्ष के साथ खड़ी होती है।