नेशनल डेस्क: फरीदाबाद हथियार बरामदगी मामले में गिरफ्तार किए गए पुलवामा के डॉक्टर मुजम्मिल शकील के परिवार ने मंगलवार को कहा कि उनके बेटे पर लगे आरोप झूठे हैं और उन्हें उससे मिलने नहीं दिया जा रहा है। डॉ. मुजम्मिल की मां नसीमा ने बताया कि उनका बेटा चार साल पहले घर छोड़कर दिल्ली में डॉक्टर के तौर पर काम करने लगा था।
उन्होंने कहा, “हमें उसके बारे में बहुत कम जानकारी थी। जब उसकी गिरफ्तारी की खबर मिली, तो हमें दूसरों से पता चला। हमने पुलिस से मिलने की कोशिश की, लेकिन हमें मिलने नहीं दिया गया। अब मेरे दूसरे बेटे को भी पकड़ लिया गया है। पुलिस कह रही है कि मेरा बेटा दिल्ली विस्फोट का संदिग्ध है। मुझे कुछ नहीं पता, बस यही चाहती हूँ कि मेरे दोनों बेटों को छोड़ दिया जाए।”
डॉ. मुजम्मिल के भाई आजाद शकील ने भी कहा कि उनका भाई पिछले तीन साल से दिल्ली में डॉक्टर की नौकरी कर रहा था और वह साल में दो बार घर आता था। उन्होंने कहा, “हमसे मिलने नहीं दिया जा रहा है। कहा जा रहा है कि उसके पास से कुछ सामान मिला है, लेकिन हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं।”
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि हरियाणा के फरीदाबाद से 360 किलो ज्वलनशील पदार्थ और गोला-बारूद बरामद किया गया है। इस मामले में डॉ. मुजम्मिल और आदिल अहमद राठेर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पुलिस का संयुक्त अभियान था, जो पिछले 15 दिनों से चल रहा था।
फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया, “हमने 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट जैसी सामग्री बरामद की है। इसके साथ हथियार और गोला-बारूद भी मिला है, एक असॉल्ट राइफल, तीन मैगज़ीन, 83 जिंदा कारतूस, पिस्तौल, टाइमर, रिमोट, बैटरियां, वॉकी-टॉकी सेट और कई सूटकेसों में भरा विस्फोटक सामान। यह आरडीएक्स नहीं है, बल्कि अमोनियम नाइट्रेट जैसी ज्वलनशील सामग्री है।” गुप्ता ने यह भी बताया कि डॉ. मुज़म्मिल फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी में डॉक्टर के तौर पर काम करता था।
श्रीनगर पुलिस ने बताया कि अनंतनाग में संयुक्त पूछताछ केंद्र (JIC) की मदद से सरकारी मेडिकल कॉलेज में आदिल राठेर के लॉकर से एक असॉल्ट राइफल मिली थी। आदिल की पूछताछ के बाद ही डॉ. मुजम्मिल की गिरफ्तारी हुई और फरीदाबाद में यह बड़ी बरामदगी हुई।
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