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ई-सिगरेट विवाद: अनुराग ठाकुर ने स्पीकर को सौंपी शिकायत, कहा- TMC सांसद ने संसदीय गरिमा को ठेस पहुंचाई

Anurag Thakur submits complaint to Speaker

Anurag Thakur submits complaint to Speaker

नई दिल्ली: लोकसभा के अंदर ई-सिगरेट पीने के कथित मामले ने संसद में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए लोकसभा अध्यक्ष को औपचारिक शिकायत सौंपी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक सांसद ने सदन के अंदर खुलेआम ई-सिगरेट का उपयोग किया, जो न केवल संसदीय नियमों का उल्लंघन है बल्कि कानूनन अपराध भी है।

कृत्य संसदीय गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला

अनुराग ठाकुर के शिकायती पत्र के मुताबिक लोकसभा जैसी पवित्र संस्था, जिसे भारतीय लोकतंत्र का सैंक्टम सैंक्टोरम (सबसे पवित्र जगह) कहा जाता है, में प्रतिबंधित पदार्थ और निषिद्ध उपकरण का उपयोग किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। यह कृत्य संसदीय गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है और सदन की कार्यवाही की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है।

तत्काल कार्रवाई की मांग की

शिकायत में उल्लेख किया गया है कि ई-सिगरेट और निकोटिन से जुड़े उत्पादों पर सरकार और संसद ने स्पष्ट रूप से प्रतिबंध लगाया है। ऐसे में सदन के अंदर उनका उपयोग न केवल संसदीय अनुशासन को तोड़ता है, बल्कि देश के युवाओं के लिए गलत संदेश भी देता है। अनुराग ठाकुर ने इसे गंभीर विधिक और नैतिक उल्लंघन बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

लोकसभा अध्यक्ष से क्या आग्रह किया 

उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया है कि इस घटना का तत्काल संज्ञान लिया जाए। सदन की उपयुक्त समिति या तंत्र के माध्यम से पूरे मामले की जांच कराई जाए, संबंधित सांसद के खिलाफ नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए और ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया जाए जिससे भविष्य में कोई भी सदस्य सदन की मर्यादा का उल्लंघन करने का साहस न कर सके।

संसद के गलियारों में चर्चाएं तेज

अनुराग ठाकुर ने कहा कि लोकसभा की प्रतिष्ठा की रक्षा करना सदन के हर सदस्य की जिम्मेदारी है और उम्मीद जताई कि अध्यक्ष अपने नेतृत्व में यह सुनिश्चित करेंगे कि नियमों का पालन हर हाल में किया जाए। इस मामले के बाद संसद के गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और अब सभी की नजरें लोकसभा सचिवालय और अध्यक्ष की ओर हैं कि वे इस आरोप पर आगे क्या कदम उठाते हैं।

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