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Pahalgam Terror Attack के बाद PAK समर्थकों के खिलाफ असम में कड़ी कार्रवाई, 81 लोग हुए गिरफ्तार

नेशनल डेस्क : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद असम सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। इसका असर पूरे राज्य में देखा जा रहा है, जहां पाकिस्तान समर्थक गतिविधियों में संलिप्त लोगों पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों से अब तक कुल 81 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से कई लोगों की सोशल मीडिया पर देशविरोधी पोस्ट करने के कारण गिरफ्तारी हुई है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

एजेंसियां सोशल मीडिया पर रखी जा रही नजर

दरअसल, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रख रही हैं और किसी भी आपत्तिजनक, उकसाने वाली या पाकिस्तान के समर्थन में की गई टिप्पणी पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।

शोणितपुर और कामरूप में दो प्रमुख गिरफ्तारियाँ

मुख्यमंत्री सरमा ने उदाहरण देते हुए बताया कि हाल ही में शोणितपुर से मोहम्मद दिलबर हुसैन और कामरूप जिले से हाफिजुर रहमान को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों पर पाकिस्तान के समर्थन में बयान देने और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोप हैं।

कानून सभी के लिए एक समान

सरकार की यह कार्रवाई केवल आम नागरिकों तक सीमित नहीं है। इस अभियान के दौरान कुछ जनप्रतिनिधियों को भी हिरासत में लिया गया है। इससे यह साफ हो गया है कि सरकार किसी को भी बख्शने के मूड में नहीं है चाहे वह आम व्यक्ति हो या कोई राजनीतिक नेता।

पहले भी हुई हैं ऐसी कार्रवाईयाँ

यह पहली बार नहीं है जब असम पुलिस ने देशविरोधी बयानबाजी या पोस्ट को लेकर लोगों को हिरासत में लिया है। इससे पहले भी AIUDF पार्टी के विधायक अमीनुल इस्लाम को ऐसे ही एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। सरकार ने साफ कर दिया है कि राज्य में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई गई है और जो भी देश के खिलाफ बोलेगा या पाकिस्तान के समर्थन में कोई गतिविधि करेगा, उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

एक्स पर जानकारी साझा कर रहे CM 

मुख्यमंत्री सरमा खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लगातार इस अभियान से जुड़ी जानकारी साझा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई राज्य की शांति और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है।असम सरकार ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह देशद्रोही गतिविधियों के खिलाफ पूरी तरह सख्त है। सरकार का कहना है कि चाहे कोई कितना भी बड़ा हो या किसी भी पद पर हो, अगर वह राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल है, तो उस पर कठोर कार्रवाई होगी।

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