नेशनल डेस्क: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज जम्मू-कश्मीर के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने पाकिस्तान की गोलाबारी से प्रभावित लोगों के परिवारों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इसके साथ ही, उन्होंने पुंछ में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और सरकार की सुरक्षा प्रतिबद्धता पर जोर दिया। अमित शाह ने इस अवसर पर कहा, “हमने पाकिस्तान को साफ संदेश दिया है कि भारत निर्दोष नागरिकों और भारतीय सेना पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा। हर हमले का मुंहतोड़ और सटीक जवाब दिया जाएगा।”
पुंछ पर पाकिस्तानी गोलाबारी और भारत का जवाब
गृह मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के नागरिक इलाकों को निशाना बनाया, और विशेष रूप से पुंछ में बहुत ज्यादा नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि आज़ादी के बाद पहली बार पुंछ पर गोलाबारी की गई। शाह ने कहा, “पूरी दुनिया पाकिस्तान के इस हमले की निंदा कर रही है। इसके जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के नौ हवाई ठिकानों को नष्ट किया, जिसके बाद पाकिस्तान को संघर्ष विराम की पेशकश करनी पड़ी।”
बंकरों का निर्माण और नागरिकों की सुरक्षा
अमित शाह ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए बनाए गए 9,500 बंकरों का उल्लेख किया, जिनका उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा करना है। उन्होंने कहा, “इन बंकरों ने नागरिकों के जीवन की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भविष्य में भी केंद्र सरकार और अधिक बंकरों का निर्माण करेगी ताकि किसी भी संकट के समय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।”
7 मई ऑपरेशन: आतंकियों को दिया करारा जवाब
अमित शाह ने 7 मई की रात पाकिस्तान और पीओके में किए गए ऑपरेशन का जिक्र करते हुए कहा, “इस ऑपरेशन में हमने आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया। यह करोड़ों भारतीयों की ओर से आतंकियों को दिया गया करारा जवाब था। इस ऑपरेशन में सैकड़ों आतंकवादी मारे गए। पाकिस्तान ने इसे खुद पर हमला माना और यह साबित कर दिया कि वे आतंकवादियों को पनाह दे रहे हैं।”
पाकिस्तान द्वारा धार्मिक और नागरिक स्थलों को निशाना बनाना
अमित शाह ने यह भी बताया कि पाकिस्तान ने न सिर्फ नागरिक इलाकों, बल्कि धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाया था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की गोलाबारी से प्रभावित हुए परिवारों को केंद्र सरकार ने नियुक्ति पत्र देकर उनकी मदद की। इस कदम को केंद्रीय गृह मंत्री ने इस बात का प्रतीक बताया कि जम्मू-कश्मीर सरकार, केंद्र सरकार और पूरे देश की भावनाएं प्रभावित परिवारों के साथ हैं।

