Site icon Dainik Savera Times

Ayodhya Medical College में बड़ी लापरवाही, इंजेक्शन के ओवरडोज से बुजुर्ग की मौत… वार्ड बॉय और स्टाफ नर्स सस्पेंड

नेशनल डेस्क : अयोध्या स्थित राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज से बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां इलाज के दौरान एक बुजुर्ग मरीज की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बुजुर्ग को गलती से इंजेक्शन की ओवरडोज दे दी गई, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई और फिर मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब बुजुर्ग को सामान्य इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

बीपी और शुगर के इलाज के लिए गए थे बुजुर्ग

दरअसल, मृतक बुजुर्ग की पहचान नरेंद्र बहादुर के रूप में हुई है, जो अयोध्या के बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के रजौरा गांव के रहने वाले थे। उन्हें ब्लड प्रेशर और शुगर की पुरानी समस्या थी। परिजनों ने बताया कि उनकी हालत बिगड़ने पर बेटियाँ उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर आई थीं। डॉक्टरों ने बुजुर्ग की स्थिति को देखते हुए उन्हें भर्ती कर लिया और इलाज शुरू किया गया।

इलाज में लापरवाही, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

वहीं इस घटना पर परिजनों का कहना है कि भर्ती के कुछ समय बाद बुजुर्ग को एक इंजेक्शन दिया गया, लेकिन वह मात्रा से अधिक था। ओवरडोज़ के तुरंत बाद बुजुर्ग की हालत तेजी से बिगड़ने लगी और कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।

आरोपी वार्ड बॉय और स्टाफ नर्स सस्पेंड

परिवार के हंगामे और आरोपों को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन हरकत में आया। प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए और वार्ड बॉय अखिलेश और संबंधित स्टाफ नर्स को तत्काल निलंबित कर दिया गया। डॉ. वर्मा ने कहा कि यह बेहद गंभीर लापरवाही है और जांच पूरी होते ही अन्य जिम्मेदारों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

परिजनों ने शव लेने से किया इनकार

बुजुर्ग की मौत के बाद परिजनों ने शव को घर ले जाने से इंकार कर दिया। बेटियों ने कहा कि जब तक उनकी बात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक नहीं पहुंचेगी, तब तक वे शव को नहीं ले जाएंगी। परिवार का कहना है कि वह चाहते हैं कि ऐसी लापरवाही दोबारा किसी के साथ न हो और जिम्मेदारों को सख्त सजा मिले।

प्रशासन सतर्क, जांच के आदेश

घटना के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। अस्पताल के उच्च अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं और अस्पताल स्टाफ की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब यह देखना होगा कि जांच रिपोर्ट में क्या निकलता है और सरकार परिजनों की मांगों पर क्या कार्रवाई करती है।

Exit mobile version