हिमाचल डेस्कः हमीरपुर जिले के दियोटसिद्ध स्थित बाबा बालक नाथ मंदिर का प्रसिद्ध प्रसाद ‘रोट’ अब अंतरराष्ट्रीय पहचान बना रहा है। देशभर में श्रद्धालुओं के बीच लोकप्रिय यह प्रसाद अब इंग्लैंड और कनाडा तक पहुंचने लगा है। विदेशों में रहने वाले बाबा बालक नाथ के श्रद्धालु इसे ऑनलाइन मंगवाकर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
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दुकानदार रजत ने बताया कि फिलहाल वे सीधे तौर पर विदेशों में रोट नहीं भेज पा रहे हैं। हालांकि, यदि प्रशासन द्वारा उचित व्यवस्था बनाई जाए तो इसे व्यावसायिक रूप से और अधिक विस्तार दिया जा सकता है। वर्तमान में विदेशों में रहने वाले भारतीय अपने रिश्तेदारों के माध्यम से यह प्रसाद मंगवा रहे हैं।
विदेश भेजे जाने वाले रोट को विशेष रूप से तैयार किया जाता है। इसे ग्राहक की मांग के अनुसार देशी घी, मेवे, आटा और मैदा मिलाकर बनाया जाता है। इसकी कीमत 40 से 60 रुपये के बीच होती है। यह लंबे समय तक सुरक्षित और खाने योग्य रहता है। सालभर में भारी संख्या में विदेशों से प्राप्त होते हैं।
दुकानदार रजत का कहना है कि यदि माता चिंतपूर्णी मंदिर की तरह इसे भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध हो जाए, तो इसका दायरा और बढ़ सकता है। इससे विदेशों में बसे भारतीय भी सीधे इसकी खरीद कर सकेंगे।
वहीं, एसडीएम स्वाति डोगरा ने बताया कि मंदिर के प्रसाद को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में इसकी गुणवत्ता, शेल्फ लाइफ और पैकेजिंग को लेकर विचार-विमर्श चल रहा है। जल्द ही इसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की योजना है।
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