
स्पोर्ट्स डेस्क: मशहूर बैडमिंटन प्लेयर साइना नेहवाल ने 14 दिसंबर 2018 को पारुपल्ली कश्यप के साथ लव मैरिज की थी। अब हरियाणा के हिसार में जन्मी साइना ने अपने पति से तलाक लेने का ऐलान किया है। साइना के अनुसार दोनों ने सहमति से फैसला लिया है। वे दोनों अलग होना चाह रहे थे। इस फैसले को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर भी पोस्ट शेयर किया है। बता दें कि साइना के पिता का नाम हरवीर सिंह नेहवाल था। वे चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (CCSHAU) में साइंटिस्ट के तौर पर कार्यरत थे।
बता दें कि साइना ने भी अपनी शुरुआती पढ़ाई एचएयू के कैंपस स्कूल से की थी। बाद में पिता का तबादला हैदराबाद हो गया था। साइना मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बड़ौत की रहने वाली हैं। उनके नाम से एचएयू हिसार में ट्रेनिंग सेंटर भी खोला गया है। बता दें कि साइना ने लंदन ओलंपिक में 2012 में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। उस समय हरियाणा सरकार ने उनको एक करोड़ रुपये और ऑडी कार गिफ्ट की थी। इसके अलावा साइना को एकेडमी खोलने के लिए जमीन देने का ऐलान भी सरकार ने किया था।
Star badminton player Saina Nehwal announced her decision to separate from long-time partner Parupalli Kashyap on Sunday, July 13. Saina and Parupalli are set to separate after nearly 7 years of marriage.#SainaNehwal #ParupalliKashyap #Separation pic.twitter.com/4u4tw00kX8
— siva sankara reddy (@banasivareddy) July 14, 2025
साइना ने अपने पति से अलग होने को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया है। साइना ने अपनी स्टोरी में लिखा है कि जिंदगी हमें कभी-कभी अलग-अलग दिशाओं में ले जाती है। कश्यप पारुपल्ली और मैंने बहुत सोच-विचार के बाद अलग होने का फैसला लिया है। मैं उन यादों के लिए आभारी हूं और आगे बढ़ने के लिए शुभकामनाएं देती हूं। हम शांति और ग्रोथ का विकल्प चुन रहे हैं। हमारी निजता को समझने और उसका सम्मान करने के लिए आप सबका धन्यवाद।
बता दें कि साइना और पारुपल्ली की मुलाकात हैदराबाद स्थित पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन एकेडमी में हुई थी। दोनों ट्रेनिंग के दौरान मिले थे। काफी समय तक रिलेशनशिप में रहने के बाद 2018 में दोनों ने एक-दूसरे को हमसफर चुन लिया था। शादी के बाद ही लोगों को दोनों के रिलेशनशिप के बारे में पता लगा था। बता दें कि साइना 2015 में वीमेंस सिंगल्स रैंकिंग में वर्ल्ड नंबर-1 प्लेयर रह चुकी हैं। यह उपलब्धि हासिल करने वाली वे अकेली महिला खिलाड़ी हैं।