नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में अवैध धर्मांतरण के मामले में पकड़े गए जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के केस में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। आरोपी का कारोबार देश ही नहीं, विदेश तक सीमित था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ताजा जांच में कुछ बड़ी बातें सामने आई हैं। ईडी के अनुसार छांगुर और उसके सहयोगी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जांच के घेरे में हैं।
छांगुर और उसके सहयोगियों को लेकर 22 बैंक अकाउंट्स की जांच हो चुकी है, अभी तक 60 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत मिले हैं। वहीं, पता लगा है कि बाबा का नेटवर्क मुंबई से लेकर पनामा तक फैला था। खातों में काफी लेन-देन जांच के घेरे में है। इसके सोर्स का पता लगाया जा रहा है। मुंबई में एक कॉम्पलेक्स की खरीद बाबा ने की थी, जिसका नाम ‘Runwal Greens’ था। सूत्रों के मुताबिक इसकी खरीद में अवैध फंडिंग के पैसे का यूज किया गया।
पनामा की एक कंपनी से बाबा का लिंक मिल रहा है। इस कंपनी का नाम ‘Logos Marine’ है। कुछ दस्तावेज भी ईडी के हाथ लगे हैं, जिनसे साबित होता है कि विदेशी पैसे को खपाने और मनी लॉन्ड्रिंग के तहत बड़ा नेटवर्क चलाया जा रहा था।
Shahabuddin & Sabroj arrested in illegal religious conversion racket tied to Jalaluddin aka Changur baba.
Both accused were close aides of Changur, absconding in FIR, now nabbed from Balrampur. pic.twitter.com/nTZIzJLHkK
— Angry Saffron (@AngrySaffron) July 19, 2025
लखनऊ के एक बुटीक ‘Aasvi’ की जांच भी ईडी ने की है, जो सुभाष नगर इलाके में मौजूद है। इस बुटीक के जरिए भी दस्तावेज और अवैध संपत्ति को छिपाया जा रहा था। यहां से कुछ दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। इस बुटीक को फिलहाल सील कर दिया गया है। मामले में नवीन रोहरा और नीतू रोहरा की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज की गई है।
बताया जा रहा है कि दोनों की भूमिका लेनदेन और संपत्तियों के सौदों के मामलों में पाई गई है, जो छांगुर के मददगार थे। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज की गई है। ईडी को छांगुर और उसके सहयोगियों के खिलाफ कई सबूत मिल चुके हैं। इनके आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।