नेशनल डेस्क: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) बेहतरीन प्रदर्शन करता दिख रहा है। ताज़ा रुझानों में गठबंधन 200 से ज़्यादा सीटों पर आगे चल रहा है। इसी माहौल में पश्चिम बंगाल के विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने एनडीए की बढ़त पर खुशी जताते हुए कहा, “एक ही नारा है, बिहार की जीत हमारी है, अब बंगाल की बारी है।”
एनडीए की बड़ी बढ़त
दोपहर 1:40 बजे चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, एनडीए कुल 202 सीटों पर आगे चल रही है। इसमें भाजपा-91, जदयू-80, लोजपा-22, हम-5 और आरएलएम- 4 सीटों पर आगे चल रहा है। वहीं, विपक्ष की बात करें तो राजद- 26, कांग्रेस- 4
भाकपा (माले)-4, माकपा- 1, बसपा- 1 और एआईएमआईएम- 5 सीटों पर आगे चल रही है। यह रुझान दिखाता है कि मतदाता फिर से एनडीए पर भरोसा जता रहे हैं।
नीतीश कुमार के लिए चुनाव क्यों महत्वपूर्ण था?
करीब 20 साल से बिहार की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए यह चुनाव एक परीक्षा माना जा रहा था, क्या लोग उनके मॉडल पर अब भी भरोसा करते हैं? हाल के वर्षों में नीतीश कुमार ने कई बार राजनीतिक गठबंधन बदले, जिसकी वजह से विपक्ष ने उन पर सवाल उठाए। फिर भी इस चुनाव में रुझान दिखाते हैं कि जनता अब भी उनके काम और योजनाओं को महत्व दे रही है।
मोदी + नीतीश की जोड़ी का असर
पहली बार लंबे समय बाद भाजपा और जदयू एक मजबूत और एकजुट गठबंधन के रूप में चुनाव मैदान में उतरे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे प्रचार में नीतीश कुमार के साथ एकता दिखाई। दोनों दलों ने विकास, कल्याणकारी योजनाओं, कानून-व्यवस्था और स्थिर सरकार को मुख्य मुद्दा बनाया। यह गठबंधन इस चुनाव में बड़े अंतर से जीत की ओर बढ़ रहा है।
बिना हिंसा के शांतिपूर्ण चुनाव
बिहार के चुनाव पहले अक्सर हिंसा और पुनर्मतदान के लिए बदनाम रहे हैं। 1985 में 63 मौतें, 1990 में 87 मौतें और 2005 में 660 बूथों पर पुनर्मतदान लेकिन 2025 के चुनाव में न हिंसा हुई, न दुबारा मतदान हुआ। एनडीए इसे अपनी बेहतर कानून-व्यवस्था की उपलब्धि बता रहा है।
बिहार-मोदी और एनडीए का मजबूत गढ़
2014, 2019, 2024 के लोकसभा चुनाव और 2020 व 2025 के विधानसभा चुनाव हर बार बिहार ने बड़े पैमाने पर भाजपा और नरेंद्र मोदी का साथ दिया है। बिहार, जो भारत का तीसरा सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य है और जहाँ लगभग 89% आबादी ग्रामीण है, लंबे समय से राष्ट्रीय राजनीति को दिशा देता रहा है। एनडीए का कहना है कि इस बार भी लोगों ने “सम्मान और स्वाभिमान” के लिए वोट दिया है।
विपक्ष पर एनडीए का हमला
एनडीए नेताओं ने इंडी गठबंधन पर बिहार का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी की छठ पूजा पर टिप्पणी का भी ज़िक्र किया। साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी के प्रयास से छठ पूजा को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में शामिल कराने की बात को बिहार की संस्कृति के सम्मान के रूप में पेश किया।
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