BJP सबसे बड़ी भू-माफिया पार्टी…अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला
April 5, 2025
उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया और सांसद अखिलेश यादव ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि “सबसे बड़ी भू माफिया पार्टी भाजपा है। भाजपा से ज्यादा जमीन किसी ने नहीं हड़पी।” अखिलेश यादव ने दावा किया कि अगर गोरखपुर, अयोध्या, कानपुर और लखनऊ की रजिस्ट्रियों की जांच की जाए, तो इन इलाकों में सरकारी जमीन, तालाब और अन्य संपत्तियाँ कई तरीके से हड़पी गई हैं। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
गोरखपुर में जमीन को लेकर हुई हिंसा
आपको बता दें कि आज यानी शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने गोरखपुर में हाल ही में जमीन को लेकर हुई हिंसा का हवाला देते हुए कहा, “गोरखपुर में आज जमीन को लेकर गोली चली है।” उनका आरोप था कि इस प्रकार की घटनाएँ भाजपा द्वारा किए गए भूमि हड़पने के कारण हो रही हैं।
SC और HC की टिप्पणी
इसके साथ ही अखिलेश यादव ने यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने कई बार बुलडोज़र के इस्तेमाल को अमानवीय करार दिया है। उनका कहना था कि सरकार के खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई लोगों के लिए हानिकारक है और इसका प्रभाव गरीबों और आम लोगों पर ज्यादा पड़ता है।
गोरखपुर और अयोध्या में भू-माफियागिरी का आरोप
सपा प्रमुख ने विशेष रूप से गोरखपुर और अयोध्या में भू माफियागिरी का आरोप लगाया और कहा कि इन दोनों शहरों में सबसे ज्यादा जमीनों का हड़पना हुआ है। उनके अनुसार, ये घटनाएँ भाजपा सरकार की नीतियों के तहत हो रही हैं। अखिलेश यादव ने भाजपा पर भू माफिया होने का आरोप लगाते हुए गोरखपुर, अयोध्या, कानपुर और लखनऊ में सरकारी जमीनों की हड़प के मामले में जांच की मांग की है। उनका कहना था कि भाजपा की सरकार ने इस मुद्दे पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है और इन इलाकों में जमीन को लेकर हुई हिंसा और अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार है।
गरीबों और किसानों को जमीन से वंचित…
सपा के मुखिया और सांसद अखिलेश यादव ने अयोध्या और अन्य क्षेत्रों की घटनाओं का जिक्र करते हुए भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि “सरकार समर्थित अतिक्रमण किसानों और गरीबों को उनकी जमीन से वंचित कर रहा है।” उनका दावा था कि भाजपा सरकार गरीबों और किसानों की जमीनें औने-पौने दामों पर खरीद रही है और फिर उसे अपने चहेतों को सौंप देती है।
सरकार की नीतियाँ गरीबों के खिलाफ…
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियाँ पूरी तरह से गरीबों और किसानों के खिलाफ हैं। उनके अनुसार, इस सरकार के तहत गरीबों और असहायों की शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है और प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में पूरे राज्य में अराजकता फैली हुई है और यह स्थिति लोगों की समस्याओं को और बढ़ा रही है।
2027 के चुनाव में भाजपा को हराने की चेतावनी
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ जनता के गुस्से को एक और उदाहरण बताया। उन्होंने कहा, “भा.ज.पा की नीतियों और शासन के खिलाफ जनता का गुस्सा बढ़ रहा है। जनता 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के सत्ता के अहंकार को पूरी तरह से उखाड़ फेंकेगी।” उनका कहना था कि इस बार जनता भाजपा की गलत नीतियों का विरोध करेगी और सत्ता को बदलने का संकल्प लेगी। अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह गरीबों और किसानों की ज़मीनों को अतिक्रमण कर हड़प रही है और इसके बजाय अपने चहेतों को सौंप रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में अराजकता और प्रशासन का दबाव बढ़ने से जनता में गुस्सा बढ़ रहा है और 2027 में भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना होगा।