
नेशनल डेस्क: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सुरक्षाबलों से हुई मुठभेड़ में दो नक्सलियों को मार गिराया है। मारे गए नक्सलियों की पहचान भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के केंद्रीय समिति सदस्यों राजू दादा उर्फ कट्टा रामचंद्र रेड्डी और कोसा दादा उर्फ कादरी सत्यनारायण रेड्डी के रूप में हुई है, जिनपर 40-40 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन का बयान
नारायणपुर जिले के पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन ने बताया कि छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र अंतरराज्यीय सीमा क्षेत्र में स्थित अबूझमाड़ इलाके में माओवादी गतिविधियों की सूचना मिलने पर सुरक्षाबलों ने तलाश अभियान चलाया था। अधिकारी ने बताया कि इस अभियान के दौरान सोमवार सुबह से माओवादी और सुरक्षाबलों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी हो रही थी। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से दो पुरुष माओवादियों का शव, हथियार, विस्फोटक और अन्य सामान बरामद किया।
सिर पर था 40-40 लाख रुपये का इनाम
रॉबिन्सन ने बताया कि प्रारंभिक पहचान में पुष्टि हुई है कि मुठभेड़ में मारे गए नक्सली भाकपा (माओवादी) के केंद्रीय समिति के सदस्य राजू दादा उर्फ कट्टा रामचंद्र रेड्डी और कोसा दादा उर्फ कादरी सत्यनारायण रेड्डी हैं। अधिकारी ने बताया कि 63 वर्षीय नक्सली राजू दादा उर्फ कट्टा रामचंद्र रेड्डी, गुड्सा उसेंडी, विजय और विकल्प के रूप में भी जाना जाता था। उन्होंने कहा कि वह तेलंगाना के करीमनगर का निवासी था औ उसपर छत्तीसगढ़ सरकार ने 40 लाख रूपये का इनाम घोषित कर रखा था।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मारे गए एक अन्य नक्सली 67 वर्षीय कोसा दादा उर्फ कादरी सत्यनारायण रेड्डी को गोपन्ना और बुचन्ना के नाम से भी जाना जाता था। उन्होंने कहा कि वह भी तेलंगाना के करीमनगर का निवासी था और उसपर भी छत्तीसगढ़ सरकार ने 40 लाख रूपये का इनाम घोषित किया था।
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