नेशनल डेस्क : ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा द्वारा चीन पर दिए गए बयान के बाद कांग्रेस पार्टी ने खुद को इससे अलग कर लिया। पार्टी ने कहा कि यह बयान उनके विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने स्पष्ट रूप से कहा कि पित्रोदा के बयान का कांग्रेस से कोई लेना-देना नहीं है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
जयराम रमेश ने क्या कहा ?
आपको बता दें कि कांग्रेस महासचिव और मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि सैम पित्रोदा द्वारा चीन के बारे में दिए गए विचार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विचार नहीं हैं। उन्होंने आगे बताया कि चीन भारत के लिए विदेश नीति, सुरक्षा और आर्थिक क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है, और इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी मोदी सरकार से लगातार सवाल करती रही है।
The views reportedly expressed by Mr. Sam Pitroda on China are most definitely NOT the views of the Indian National Congress.
China remains our foremost foreign policy, external security, as well as economic challenge. The INC has repeatedly raised questions on the Modi Govt’s… pic.twitter.com/vVjjc9pQbT
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) February 17, 2025
कांग्रेस का हालिया बयान
जयराम रमेश ने यह भी कहा कि चीन के बारे में कांग्रेस पार्टी का सबसे हालिया बयान 28 जनवरी 2025 को जारी किया गया था। पार्टी ने हमेशा से चीन के बारे में सरकार के दृष्टिकोण को सवालों के घेरे में रखा है, विशेष रूप से प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 19 जून 2020 को चीन को दी गई क्लीन चिट पर।
संसद में चर्चा की कमी पर नाराजगी
जयराम रमेश ने यह भी कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि संसद में चीन के मुद्दे पर चर्चा करने का अवसर नहीं दिया जा रहा है और इन चुनौतियों का समाधान निकालने के लिए सामूहिक प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
सैम पित्रोदा का बयान
आपको बता दें कि सैम पित्रोदा ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि चीन के खतरे को बहुत अधिक बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को चीन को अपना दुश्मन मानना बंद कर देना चाहिए।
BJP का हमला
सैम पित्रोदा के बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर हमला किया और कहा कि पित्रोदा का यह बयान कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है। भाजपा के हमले के बाद कांग्रेस ने पित्रोदा के बयान से खुद को अलग कर लिया और यह स्पष्ट किया कि उनका यह बयान पार्टी के विचारों से मेल नहीं खाता।

