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Vande Mataram: ‘कांग्रेस ने वंदे मातरम् के टुकड़े किए’, पीएम मोदी बोले- जिन्ना के सामने झुके नेहरू

December 8, 2025

Vande Mataram: ‘कांग्रेस ने वंदे मातरम् के टुकड़े किए’, पीएम मोदी बोले- जिन्ना के सामने झुके नेहरू

नई दिल्ली: लोकसभा में वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर 10 घंटे की लंबी चर्चा चल रही है। चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन से हुई। अपने भाषण में उन्होंने वंदे मातरम् के इतिहास के साथ-साथ कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर गंभीर आरोप लगाए।

जिन्ना के दबाव में झुके नेहरू: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि 15 अक्टूबर 1936 को मोहम्मद अली जिन्ना ने लखनऊ से वंदे मातरम् के खिलाफ नारा दिया था। उनके मुताबिक, उस समय कांग्रेस अध्यक्ष रहे जवाहरलाल नेहरू को अपनी राजनीतिक स्थिति कमजोर होती नजर आई और उन्होंने जिन्ना का विरोध करने की बजाय वंदे मातरम् की ही जांच-पड़ताल शुरू कर दी।

आहत हो सकते हैं मुसलमान 

पीएम मोदी के अनुसार जिन्ना के बयान के 5 दिन बाद नेहरू ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को पत्र लिखा। इस पत्र में नेहरू ने कहा कि आनंदमठ की पृष्ठभूमि मुसलमानों को आहत कर सकती है और इससे वे भड़क सकते हैं। इसके बाद कांग्रेस ने घोषणा की कि 26 अक्टूबर को वंदे मातरम् के उपयोग की समीक्षा होगी।

कांग्रेस ने वंदे मातरम् के हिस्से कर दिए: पीएम मोदी 

पीएम मोदी ने कहा कि इस फैसले के खिलाफ देशभर में लोगों ने प्रभात फेरियां निकालीं, लेकिन फिर भी कांग्रेस ने वंदे मातरम् के हिस्से कर दिए, यानी इसके केवल कुछ भागों को ही अपनाया। उनके अनुसार, यह कांग्रेस का तुष्टीकरण की राजनीति का नतीजा था और इसी दबाव के कारण कांग्रेस बाद में देश के बंटवारे के लिए भी झुक गई।

कांग्रेस-मुस्लिम लीग विवाद की पृष्ठभूमि

पीएम मोदी ने कहा कि 1937 के प्रांतीय चुनावों के बाद कांग्रेस ने वंदे मातरम् को राष्ट्रगीत के रूप में स्वीकार किया था। लेकिन मुस्लिम लीग और जिन्ना ने इसका विरोध किया। जिन्ना का तर्क था कि यह गीत बंकिम चंद्र चटर्जी के उपन्यास आनंदमठ से लिया गया है, जिसमें देवी दुर्गा की स्तुति शामिल है, और इस्लाम में किसी देवी-देवता की पूजा नहीं मानी जाती। जब कांग्रेस शासित प्रांतों में वंदे मातरम् गाना अनिवार्य किया गया, तब जिन्ना ने 1938 में इसे सांप्रदायिक और मुसलमानों की भावनाओं के खिलाफ बताते हुए खुलकर आपत्ति जताई।

वंदे मातरम् का इतिहास, पीएम मोदी का बयान

प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम् का इतिहास बेहद प्रेरणादायक है। इसकी रचना बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने 1875 में की थी। उस समय 1857 की क्रांति के बाद अंग्रेज बुरी तरह दमन कर रहे थे। अंग्रेजों का उद्देश्य था कि ब्रिटिश राष्ट्रगीत को भारतीयों पर लादा जाए। इसी के जवाब में बंकिमचंद्र ने यह गीत लिखकर देश को एक नई ऊर्जा दी, जिसने आज़ादी के आंदोलन को मजबूत किया।

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