Last Updated: October 2, 2026

Dainik Savera Times Logo

Operation Sindoor : भारतीय सेना में कौन होता है DGMO… काम से लेकर सैलरी तक जानिए पूरी डिटेल्स

May 13, 2025

Operation Sindoor : भारतीय सेना में कौन होता है DGMO… काम से लेकर सैलरी तक जानिए पूरी डिटेल्स

नेशनल डेस्क : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत ने जिस साहस और सटीकता के साथ जवाब दिया, उससे पाकिस्तान को पूरी तरह बौखला गया है। बदले की नीयत से पाकिस्तान ने ड्रोन के जरिए हमला करने की कोशिश की, और जम्मू-कश्मीर, पंजाब, गुजरात और राजस्थान जैसे सीमावर्ती इलाकों में अपने ड्रोन भेजे। लेकिन भारत का एडवांस डिफेंस सिस्टम पहले से ही सतर्क था। सभी दुश्मन ड्रोन हवा में ही मार गिराए गए, जिससे पाकिस्तान के मंसूबे चकनाचूर हो गए। भारत की इस कार्यवाही की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तारीफ हो रही है। इसी बीच आज हम DGMO के बारे में जानेंगे की आखिर क्या होता है DGMO, क्या होता है इसका कार्य और सबकुछ। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

शांति बनाए रखने के लिए अहम कदम

आपको बता दें कि इस पूरे तनावपूर्ण घटनाक्रम के बाद, शनिवार शाम 5 बजे से भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर (संघर्ष विराम) लागू हो चुका है। यह समझौता दोनों देशों के DGMO यानी डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स के बीच हुई बातचीत के बाद तय हुआ। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने जानकारी दी कि पाकिस्तानी DGMO ने भारत के DGMO को फोन कर संघर्ष विराम पर सहमति जताई थी। यह कदम दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और सीमा पर शांति बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। बता दें कि वर्तमान में भारत के DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई है।

DGMO कौन होता है और क्या होती है भूमिका…

दरअसल, DGMO (Director General of Military Operations) भारतीय सेना का तीन सितारा (3-star) लेफ्टिनेंट जनरल रैंक का अधिकारी होता है। यह पद बेहद महत्वपूर्ण और रणनीतिक होता है। DGMO का मुख्य कार्य देश की रक्षा रणनीतियों को जमीन पर उतारना, युद्ध की योजना बनाना और सेना के तीनों अंगों – थलसेना, नौसेना, और वायुसेना के बीच समन्वय बनाना होता है।

इसके साथ ही एलओसी (LoC) पर हो रहे तनाव, आतंकी गतिविधियों के जवाब और शांति मिशन की निगरानी जैसे काम सीधे DGMO के अधीन होते हैं। हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ हुए “ऑपरेशन सिंदूर” में भी DGMO की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने पाकिस्तानी DGMO से संपर्क कर हालात को काबू में लाने की पहल की थी।

DGMO की सैलरी और सुविधाएं

DGMO का वेतन भी उसकी जिम्मेदारियों की तरह उच्च होता है। 7वें वेतन आयोग के अनुसार, एक लेफ्टिनेंट जनरल की बेसिक सैलरी ₹1,82,200 से ₹2,24,100 तक होती है। इसके अलावा उन्हें मिलिट्री सर्विस पे, महंगाई भत्ता (DA), यूनिफॉर्म अलाउंस और अन्य कई लाभ मिलते हैं। सभी भत्तों को मिलाकर DGMO की कुल मासिक आय ₹2.5 लाख से ₹3 लाख तक पहुंच जाती है। साथ ही उन्हें सरकारी आवास, वाहन, ड्राइवर, चिकित्सा सुविधाएं और कई सुरक्षा लाभ भी दिए जाते हैं।

भारत की सुरक्षा तैयारियों ने फिर दिखाया दम

हाल की घटनाएं यह साफ दिखाती हैं कि भारत अब किसी भी आतंकी या रणनीतिक हमले को मौन रहकर नहीं झेलेगा। चाहे ड्रोन हो या सीमा पार की गतिविधि, भारत का सुरक्षा तंत्र पूरी तरह सजग और सक्षम है और इस पूरे तंत्र की कमान जिन हाथों में है । DGMO उनकी भूमिका एक रणनीतिक सेनापति जैसी है, जो सीमा पर गोलीबारी से लेकर कूटनीतिक संदेशों तक हर स्तर पर देश की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें