
नई दिल्ली: कर्नाटक में विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के नतीजों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद बीजेपी को अहंकार नहीं करना चाहिए। खरगे ने एक बार फिर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग उठाई और कहा कि अगर बीजेपी को अपनी जीत पर इतना भरोसा है, तो उसे संसद भंग करके मतपत्रों के जरिए चुनाव कराना चाहिए।
खरगे का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब कांग्रेस और INDIA गठबंधन के अन्य विपक्षी दल कथित ‘वोट चोरी’ और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं।
कर्नाटक में एमएलसी चुनाव के नतीजों पर सवाल पूछे जाने पर मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कांग्रेस अभी भी बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर कायम है। उन्होंने कहा कि केवल चुनाव में जीत हासिल करने से किसी पार्टी को अहंकार नहीं करना चाहिए। खरगे ने कहा कि राजनीति में हर पार्टी के अच्छे और बुरे दौर आते हैं।
एक समय ऐसा भी था, जब बीजेपी लोकसभा में केवल दो सीटें जीत पाई थी। इसका मतलब यह नहीं था कि पार्टी की राजनीतिक पकड़ पूरी तरह खत्म हो गई थी। उन्होंने कहा कि इसी तरह चुनाव में जीतने वाली पार्टी को भी अपनी सफलता पर जरूरत से ज्यादा गर्व नहीं करना चाहिए। खरगे ने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उसे अपनी जीत और लोकप्रियता पर पूरा भरोसा है, तो वह संसद भंग करके बैलेट पेपर से चुनाव कराए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष का विरोध प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा। उनके मुताबिक, विपक्ष यह आंदोलन कथित वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग के कामकाज में हुई गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर कर रहा है। खरगे ने दावा किया कि कई विपक्षी दल इस मुद्दे पर कांग्रेस का समर्थन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों को जागरूक करने के लिए संघर्ष करना जरूरी है और विपक्ष अपने आंदोलन के जरिए यही कोशिश कर रहा है। उन्होंने बताया कि 30 अक्टूबर को एक मॉक पार्लियामेंट यानी प्रतीकात्मक संसद का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली होगी, जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
मॉक पार्लियामेंट के बाद 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली आयोजित की जाएगी। इस रैली के जरिए विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों, वोट चोरी के आरोपों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका जैसे मुद्दों को उठाएंगे। इस तरह कर्नाटक के एमएलसी चुनाव नतीजों पर खरगे के बयान के साथ ही बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग और चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का आंदोलन एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।
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