Fake Aadhaar card exposed नैनीताल: हिमालय की गोद में बसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां फर्जी आधार कार्ड बनवाकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आरोप लगा है। यह मामला तब उजागर हुआ जब पुलिस द्वारा किरायेदारों और बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन अभियान चलाया जा रहा था।
नैनीताल में फर्जी आधार कार्ड का खुलासा
जानकारी के अनुसार, अब्दुल अलीम खान नामक व्यक्ति और उसके परिजनों के आधार कार्ड संदेह के घेरे में आए हैं। इन आधार कार्डों में जो पता दर्ज है – 21, बड़ा बाजार, मल्लीताल वह जांच में फर्जी पाया गया। यह पता वास्तव में स्थानीय निवासी अमित लाल साह पुत्र सुंदर लाल साह का पैतृक आवास है।
अमित लाल साह ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उनके आवास के पते का इस्तेमाल बिना अनुमति के फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाने में किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि न तो अब्दुल अलीम खान और न ही उसके परिवार का कोई भी सदस्य कभी इस पते पर निवास करता था।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पंकज मीणा ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। मल्लीताल चौकी के उपनिरीक्षक दीपक कार्की को एफआईआर दर्ज कर पूरे मामले की गहन जांच सौंपी गई है। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि इन फर्जी आधार कार्डों का निर्माण वर्ष 2015 में हुआ था और इनका इस्तेमाल विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी योजनाओं में किया गया है। इससे यह संकेत मिलते हैं कि मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह भी सक्रिय हो सकता है।
स्थानीय प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया में किन अधिकारियों या एजेंसियों की लापरवाही रही, और क्या किसी अंदरूनी मिलीभगत के जरिए यह फर्जीवाड़ा संभव हुआ।
फिलहाल, नैनीताल पुलिस इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए व्यापक जांच में जुटी हुई है। यह मामला न केवल स्थानीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है, बल्कि इससे देशभर में आधार प्रणाली की सुरक्षा और भरोसे को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।